
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
कृषि विभाग द्वारा जैविक खेती मिशन योजनांतर्गत जैविक किसान मेला का आयोजन पाटन विकासखण्ड के ग्राम सोनपुर में किया गया। यह कार्यक्रम सांसद विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य में और जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हर्षा लोकमणी चंद्राकर की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के दौरान उप संचालक संदीप कुमार भोई ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए जैविक खेती के वर्तमान परिदृश्य और उसके संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जैविक खेती केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि किसानों के लिए भी एक लाभकारी विकल्प साबित हो रही है।
मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने अपने संबोधन में जैविक खेती के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “जैविक खेती से मिट्टी भुरभुरी और टिकाऊ बनती है, जबकि रासायनिक खेती से मिट्टी कठोर और अनुपजाऊ होती है।” उन्होंने यह भी बताया कि जैविक खेती से प्राप्त उपज का बाजार मूल्य 2-3 गुना अधिक होता है, और यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।
सांसद बघेल ने उपस्थित किसानों से आह्वान किया कि वे शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर अधिक से अधिक क्षेत्र में जैविक खेती करें। उन्होंने यह भी बताया कि जैविक उत्पादों के स्वाद और गुणवत्ता में सुधार होता है।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा के वैज्ञानिकों ने जैविक विधियों से कीटव्याधि नियंत्रण, संतुलित उर्वरकों का उपयोग आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा, श्री अन्न (मिलेट्स) के प्रतिनिधि ने इसकी विशेषताओं और इसे दैनिक आहार में सम्मिलित करने की महत्ता पर भी प्रकाश डाला।
अंत में, सांसद बघेल ने कृषकों को विभिन्न कृषि यंत्र, केसीसी, नर्सरी पौध और मत्स्य पालन से जुड़े आइस बॉक्स का वितरण किया। इस अवसर पर श्रीमती हर्षा लोकमणी चंद्राकर (सदस्य जिला पंचायत), श्रीमती राम बाई सिन्हा (अध्यक्ष जनपद पंचायत पाटन) सहित कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुधन, सहकारिता, क्रेडा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा लगभग 300 कृषक उपस्थित रहे।










