
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में नर्सरी के भीतर लगभग 100 गौवंशों की भूख और प्यास से दर्दनाक मृत्यु होने के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। इस हृदय विदारक घटना के बाद छत्तीसगढ़ युवा हिन्दू महासभा के रायपुर जिला महामंत्री लवकुश गुप्ता ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
लवकुश गुप्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में गौमता को माता का दर्जा प्राप्त है, लेकिन भाजपा के लिए गौ माता सिर्फ एक ‘राजनीतिक माता’ बनकर रह गई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर भाजपा की नीयत वास्तव में नेक होती तो वह पिछली कांग्रेस सरकार की गौठान और गोधन योजना को बंद नहीं करती।
सरकारी योजनाएं क्यों बंद की गईं?
गुप्ता ने सरकार के फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कुछ बंद करना ही था तो देशभर में संचालित हो रहे बूचड़खानों को बंद किया जाता। उन्होंने कहा कि गौवंशों को लेकर सरकार की कथनी और करनी में साफ अंतर दिखाई देता है।
पशुपालकों में गौवंश के प्रति खत्म हुई चिंता
लवकुश गुप्ता ने समाज में आए बड़े बदलावों को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि पता नहीं आजकल पशुपालक अपने गौवंशों को लावारिश हालत में क्यों छोड़ दे रहे हैं? एक समय था जब हर घर, हर गांव में पशुपालक हुआ करते थे और वे किसी एक गौवंश के घर न लौटने पर भी चिंतित हो जाते थे।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उनके घर के गौवंश बीमार पड़ते थे तो वे साईकिल से आठ किलोमीटर दूर पशु चिकित्सालय लेकर जाते थे। अब स्थिति यह है कि हर रोज सड़क दुर्घटना में शिकार हो कर गौधन की मौत हो रही है, लेकिन गौपालकों को कोई चिंता या दुख नहीं है।
गुप्ता ने कहा कि खेती-किसानी में ट्रेक्टर और हार्वेस्टर मशीन के प्रयोग ने गौधन की उपयोगिता को लगभग खत्म कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप गौवंशों की उपेक्षा बढ़ी है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने शहरी क्षेत्रों में बिकने वाले दूध और पनीर की गुणवत्ता पर भी संदेह व्यक्त किया। उनका कहना है कि शहरों में डेयरी दुकान में जो दूध पनीर बिकती है, उसके केमिकल युक्त होने का भंडाफोड़ होते रहता है।









