रायपुर/जशपुर।
जब छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा मिला, तो कांग्रेस की सरकार में अजीत जोगी मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 2003 में भाजपा के केंद्रीय आलाकमान ने दिलीप सिंह जूदेव को राज्य की कमान सौंप दी। उस समय दिलीप सिंह जूदेव भाजपा के सबसे बड़े दिग्गज नेता थे, और उनके नेतृत्व में प्रदेश में “जय जूदेव” के नारों ने कांग्रेस को हराकर भाजपा को सत्ता में लाया। दिलीप सिंह जूदेव ने अपनी मूँछों को दांव पर लगाकर अपनी राजनीति को सफल किया और कांग्रेस के अजीत जोगी को हराया।
अब, दोनों नेताओं के बाद उनके बेटों के बीच एक नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। भाजपा के प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने अमित जोगी को सोशल मीडिया के माध्यम से चेतावनी दी है और कहा है, “सनातन धर्म में घरवापसी कर लो, तुम्हारे पूर्वज आशीर्वाद देंगे।” प्रबल ने लिखा, “अगर तुम्हें अपने पूर्वजों का सम्मान है तो घरवापसी में शामिल हो जाओ।” उन्होंने आगे कहा कि यह इतिहास साक्षी है कि अंग्रेजों ने भारत में धर्मांतरित करने की जो कोशिश की थी, वह अब उजागर हो रही है, और हम उन लोगों को वापस लाते हैं जो धोखे से धर्मांतरित हो गए थे।
प्रबल ने यह भी कहा कि यदि अमित जोगी सनातन धर्म को अपनाते हैं, तो यह उनके लिए सम्मान की बात होगी। उन्होंने अमित जोगी से पूछा, “आप खुद को सनातनी कैसे कह सकते हो, जब आप अपने ही धर्म को छोड़ने वाले लोगों को स्वीकार नहीं करते?” इस बयान के बाद से छत्तीसगढ़ में राजनीति एक नए मोड़ पर पहुंच गई है, और इस विवाद ने प्रदेशभर में हलचल मचा दी है।











