25 सितम्बर 2026 |
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कोडेनार पंचायत की शासकीय उचित मूल्य की दुकान में नियमानुसार हो रहा है राशन वितरण: खाद्य निरीक्षक का स्पष्टीकरण

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OM Darpan

Aug 29, 2024 08:45 am 291 views
 
  • सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के बीच खाद्य निरीक्षक ने की वास्तविकता की जाँच, हितग्राहियों को मिला पूरा राशन
किरंदुल। हाल ही में कोडेनार ग्राम पंचायत की शासकीय उचित मूल्य की दुकान को लेकर सोशल मीडिया और पोर्टल न्यूज यू वी एन 08 पर फैलाई गई झूठी खबरों के चलते ग्रामीणों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। खबरों में दावा किया गया कि हितग्राहियों को उनके हिस्से का पूरा राशन नहीं मिल रहा है, जिससे पंचायत की सरपंच मीना मंडावी और विक्रेता भावना सक्सेना की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया। इस मामले की सच्चाई जानने और तथ्यों की पुष्टि करने के लिए खाद्य निरीक्षक सचिन कुमार ने मंगलवार को ग्राम पंचायत कोडेनार की शासकीय उचित मूल्य की दुकान का दौरा किया। जाँच के दौरान, उन्होंने हितग्राहियों से बातचीत की और उनके बयानों को ध्यानपूर्वक सुना। जाँच में पाया गया कि अगस्त माह में अतिवृष्टि के कारण दुकान में राशन का भंडारण थोड़े विलंब से हुआ, जिससे हितग्राहियों को राशन वितरण में कुछ असुविधा हुई थी। खाद्य निरीक्षक सचिन कुमार ने बताया कि 12 अगस्त को दुकान में कटौती के साथ भंडारण हुआ था और अतिरिक्त मांग के कारण भंडारण में देरी हुई। इसलिए, हितग्राहियों को 10 किलो चावल बचत के साथ 25 किलो चावल वितरित किया गया था। 24 अगस्त को अतिरिक्त भंडारण प्राप्त होने के बाद, शेष 10 किलो चावल हितग्राहियों में वितरित कर दिया गया। इस पूरे प्रक्रिया के बारे में हितग्राहियों को पहले से ही सूचित किया गया था और उन्होंने सहमति भी जताई थी। ग्रामीणों ने भी इस बात की पुष्टि की कि उन्हें निर्धारित मात्रा में राशन प्राप्त हुआ है और राशन में कभी कोई कमी नहीं की गई। बुधरी मंडावी, देवे मंडावी, और सुरेश सुनानी ने बताया कि उन्हें 35 किलो चावल, एक किलो शक़्कर, और पिछले माह का बचा हुआ चार पैकेट चना प्राप्त हुआ है। मितानिन मंजूला राजन ने भी बताया कि राशन के वितरण के समय सब हितग्राही सहमत थे कि थोड़़ा चावल रोक लिया जाए ताकि सभी को राशन मिल सके। उन्होंने कहा, "त्योहार के समय कुछ लोग बाहर जा रहे थे, इसलिए यह निर्णय लिया गया कि सभी को कम से कम कुछ मात्रा में राशन मिल सके और बाद में बाकी का चावल दिया जाए।" सरपंच मीना मंडावी ने इस घटना पर कहा कि दुकान ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ी है और बिना हितग्राही के राशन का वितरण संभव नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि दुकान में रखे गए चावल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उन्हें काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। सरपंच ने कहा, "हमने किसी भी हितग्राही को चावल देने से कभी मना नहीं किया है, लेकिन खराब चावल की रिकवरी की जिम्मेदारी पंचायत की है। हमें इसमें कोई अतिरिक्त लाभ नहीं हो रहा है। सरकार को हर महीने कम से कम 2 प्रतिशत चावल की बर्बादी के लिए सहायता प्रदान करनी चाहिए।" खाद्य निरीक्षक सचिन कुमार ने एसडीएम को सभी दस्तावेज़, विक्रय पंजी, और पंचनामा रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह जाँच पूरी तरह निष्पक्ष थी और हितग्राहियों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ा है।
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