पेंगोलिन की तस्करी में ओडिशा के चार आरोपी गिरफ्तार
OM Darpan
Oct 01, 2024 05:39 pm
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01 Oct 2024
जगदलपुर (कौशल संदुजा)।
बस्तर संभाग के करपावंड वन परिक्षेत्र से सटे ओडिशा बॉर्डर के पास वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर पेंगोलिन की तस्करी कर रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये चारों आरोपी ओडिशा से छत्तीसगढ़ आकर पेंगोलिन बेचने के प्रयास में थे। वन विभाग की टीम ने उन्हें करपावंड-कोलावल मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों के साथ पकड़ा, जिनमें से एक जूट के थैले में जीवित पेंगोलिन छिपाकर रखा गया था।
छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर छत्तीसगढ़ वन बल प्रमुख एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीनिवास राव तथा मुख्य वन संरक्षक आर.सी. दुग्गा के मार्गदर्शन में बस्तर डीएफओ उत्तम कुमार गुप्ता के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद उप वनमंडलाधिकारी बस्तर, परिक्षेत्र अधिकारी करपावंड और अन्य वन अधिकारियों की एक टीम गठित कर घेराबंदी की गई और आरोपियों को पकड़ा गया।
आरोपियों की पहचान ओडिशा राज्य के निवासी के रूप में की गई है, जो पेंगोलिन को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे थे। वन विभाग की टीम ने पेंगोलिन को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर आरोपियों को करपावंड वन परिक्षेत्र कार्यालय ले जाया और उनके खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही उनकी दो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में देवलाल दुग्गा, एसडीओ जगदलपुर, योगेश कुमार रात्रे, एसडीओ चित्रकोट, सूर्यप्रकाश ध्रुव, वन परिक्षेत्र अधिकारी माचकोट, प्रकाश ठाकुर, वन परिक्षेत्र अधिकारी चित्रकोट, देवेंद्र वर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी जगदलपुर, जयराज पात्र, वनरक्षक और श्रीधर स्नेही, सीएफओ जगदलपुर का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत पेंगोलिन को सेड्यूल्ड 1 में रखा गया है, जिसके तहत इसे मारना और इसका व्यापार करना एक गंभीर अपराध है। विलुप्त हो रही प्रजातियों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा जगदलपुर वन वृत्त स्तरीय रैपिड रेस्क्यू टीम का गठन किया गया है, जो लगातार वन्यप्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तस्करों पर लगाम लगाने का काम कर रही है।
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