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शबीना बाजार में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, बड़े हादसे की आशंका

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OM Darpan

Oct 09, 2024 07:58 pm 167 views
जगदलपुर (कौशल संदुजा)। जगदलपुर के राजमहल परिसर के समीप संचालित मीना बाजार, जिसे अब शबीना बाजार कहा जा रहा है, में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण एक बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बाजार में मौत का कुंआ और अन्य मनोरंजन साधनों के लिए बनाए गए उपकरणों में थोड़ी भी लापरवाही लोगों की जान जोखिम में डाल सकती है। सुरक्षा का अभाव, लठैतों की दादागिरी मीना बाजार के संचालकों ने पुलिस और प्रशासन को बाहरी व्यक्तियों के आगमन की जानकारी नहीं दी है। यहां पर तैनात लठैत खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं, जिससे स्थानीय जनता में असुरक्षा का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा भी चर्चा का विषय बनी हुई है। मीना बाजार का उद्घाटन परंपरानुसार स्थानीय विधायक से न कराकर गुप्त रूप से किया गया है, जिससे सत्ता पक्ष के प्रतिनिधियों में भी नाराजगी है। अमानक झूले और मौत का कुंआ बना खतरनाक बाजार में लगाए गए विशालकाय झूलों और अन्य उपकरणों की सुरक्षा जांच नहीं कराई गई है। ये उपकरण बिना किसी प्रमाणिकता के लगाए गए हैं, जो हादसे का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, मौत के कुंए में दोपहिया और चारपहिया वाहनों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जबकि कांकेर जिले में इस पर प्रतिबंध है। यह सवाल उठता है कि इसके लिए अनुमति किसने दी और अगर हादसा होता है तो जिम्मेदार कौन होगा? बाहरी व्यक्तियों का रिकॉर्ड नहीं, संदिग्ध गतिविधियों की आशंका मीना बाजार में बाहरी राज्यों से आए व्यक्तियों का कोई रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं है। न ही इन व्यक्तियों का सत्यापन कराया गया है। बस्तर, जो एक संवेदनशील क्षेत्र है, में इस तरह की लापरवाही प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करती है। सूत्रों के अनुसार, बाजार में विशेष धर्म के लोगों की गतिविधियां संदिग्ध हैं। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के लोग इन पर नजर रख रहे हैं, लेकिन अगर प्रशासन और पुलिस सतर्क नहीं हुए, तो बस्तर दशहरा के बीच कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
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