15 सितम्बर 2026 |
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खेलते-खेलते सिक्का निगल गया 6 साल का मासूम, सिम्स के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बचाई जान

OM Darpan

Jul 17, 2026 08:10 am 272 views
खेलते-खेलते सिक्का निगल गया 6 साल का मासूम, सिम्स के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बचाई जान
सिम्स बिलासपुर में बच्चे की अन्ननली से सिक्का निकालते ईएनटी डॉक्टर बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के ईएनटी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बड़ी सफलता हासिल की है। डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए एक 6 वर्षीय मासूम की जान बचा ली। बैगा जनजाति के इस बालक ने खेलते समय गलती से सिक्का निगल लिया था। यह सिक्का उसकी आहार नली (अन्ननली) में फंस गया था। डॉक्टरों की टीम ने आपातकालीन स्थिति में सफल ऑपरेशन कर सिक्के को बाहर निकाल लिया।

पेंड्रा से सिम्स बिलासपुर किया गया रेफर

बिलासपुर जिले के कोटा तहसील अंतर्गत ग्राम सरगोंड निवासी बालक नरेंद्र सुबह करीब 7 बजे सिक्का निगल गया। इसके तुरंत बाद उसे कुछ भी निगलने में अत्यधिक परेशानी होने लगी। परिजन उसे आनन-फानन में पेंड्रा के एक निजी अस्पताल लेकर गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया।

डॉक्टरों के समन्वित प्रयास से मिली सफलता

बालक को शाम करीब 6.30 बजे सिम्स लाया गया। इसके बाद अस्पताल का पूरा अमला सक्रिय हो गया। रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने तत्काल एक्स-रे किया। उन्होंने अन्ननली के ऊपरी भाग में फंसे सिक्के की सटीक लोकेशन पहचानी। एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति की टीम ने बच्चे को सामान्य एनेस्थीसिया दिया। ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आरती पाण्डेय एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. श्वेता मित्तल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने मोर्चा संभाला।

रिजिड इसोफैगोस्कोपी तकनीक का उपयोग

डॉक्टरों ने रिजिड इसोफैगोस्कोपी तकनीक के जरिए अत्यंत सावधानी से सिक्के को सुरक्षित बाहर निकाला। पूरी प्रक्रिया बिना किसी जटिलता के संपन्न हुई। ऑपरेशन के बाद बालक की स्थिति पूरी तरह सामान्य और संतोषजनक है। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने सफल उपचार पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया और ईएनटी विभाग की दक्षता और तालमेल से ही यह संभव हो पाया।

अभिभावकों के लिए डॉक्टरी सलाह

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने आगाह किया कि बच्चों द्वारा सिक्का या बटन निगलना गंभीर आपात स्थिति है। ऐसे मामलों में घरेलू नुस्खे न अपनाएं और सीधे विशेषज्ञ अस्पताल पहुंचें। ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पाण्डेय ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की पहुंच से सिक्के और छोटी बैटरी दूर रखें। लार टपकने या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखने पर बिना समय गंवाए डॉक्टरों से संपर्क करें।
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