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870 ग्राम के नवजात को मिली नई जिंदगी, कवर्धा जिला अस्पताल ने बचाई जान

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OM Darpan

Jul 17, 2026 08:01 am 295 views
870 ग्राम के नवजात को मिली नई जिंदगी, कवर्धा जिला अस्पताल ने बचाई जान

  • अस्पताल की एसएनसीयू टीम ने पेश की चिकित्सा सेवा की मिसाल

  • अति समयपूर्व (एक्सट्रीम प्रीटर्म) जन्मे शिशु की स्थिति थी नाजुक

  • एक माह के उपचार के बाद 870 ग्राम से बढ़कर 1600 ग्राम हुआ वजन

  कवर्धा। जिला अस्पताल कवर्धा ने नवजात शिशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में मात्र 870 ग्राम वजन के अति समयपूर्व (एक्सट्रीम प्रीटर्म) जन्मे नवजात शिशु का सफल उपचार कर उसे स्वस्थ अवस्था में घर भेजा गया। जन्म के समय शिशु की स्थिति अत्यंत गंभीर थी और उसके जीवित रहने की संभावना बेहद कम मानी जा रही थी।

डॉक्टरों ने दी नन्ही जान को नई जिंदगी

जन्म के तुरंत बाद नवजात को जिला अस्पताल की एसएनसीयू में भर्ती किया गया। यहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शलिल मिश्रा के मार्गदर्शन में डॉ. त्रिभुवन जायसवाल, चिकित्सा अधिकारी (एसएनसीयू) सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ ने 24 घंटे उसकी गहन निगरानी की। उपचार के दौरान नवजात को श्वसन सहायता, शरीर का तापमान नियंत्रित रखने, संक्रमण से सुरक्षा और संतुलित पोषण उपलब्ध कराया गया।

एक माह के इलाज से बढ़ा वजन

लगभग एक माह तक चले सतत उपचार और विशेषज्ञ निगरानी के परिणामस्वरूप नवजात के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हुआ। इस अवधि में उसका वजन 870 ग्राम से बढ़कर 1600 ग्राम हो गया। चिकित्सकीय परीक्षणों में पूरी तरह स्थिर पाए जाने के बाद उसे स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर परिजनों को सौंप दिया गया। डॉ. त्रिभुवन जायसवाल ने बताया कि कम वजन वाले बच्चों का उपचार अत्यधिक चुनौतीपूर्ण होता है।

सिविल सर्जन ने टीम को दी बधाई

सिविल सर्जन डॉ. केशव धुव्र ने इस सफलता पर पूरी एसएनसीयू टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और डॉक्टरों की विशेषज्ञता का परिणाम है। अस्पताल का लक्ष्य प्रत्येक गंभीर रोगी को समय पर बेहतर उपचार देना है। नवजात के माता-पिता ने भी भावुक होकर जिला अस्पताल के चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे जिले के लिए बड़ी सौगात बताया।
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