17 अक्टूबर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

पति के निधन के बाद संगीता के लिए संजीवनी बनी शासन की योजना, मिला एक लाख का संबल

शेयर करें

OM Darpan

Oct 17, 2026 12:29 am 383 views
पति के निधन के बाद संगीता के लिए संजीवनी बनी शासन की योजना, मिला एक लाख का संबल


अंतागढ़ की मजदूर महिला को सेवा-सेतु शिविर में सौंपी गई आर्थिक मदद, मुख्यमंत्री का जताया आभार

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement


अंतागढ़ (कांकेर)। शासन की जन-कल्याणकारी योजनाएं किस तरह जरूरतमंद परिवारों के लिए मुश्किल वक्त में बड़ा सहारा बन सकती हैं, इसका जीवंत उदाहरण कांकेर जिले के अंतागढ़ में देखने को मिला है। यहां की निवासी संगीता साहू के लिए श्रम विभाग की योजना उस वक्त संजीवनी बन गई, जब उन्होंने अपने पति को खो दिया। जीवन-यापन के भारी संकट से जूझ रही संगीता को शासन की ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जिससे उनके परिवार को एक नई उम्मीद मिली है।


रोजी-रोटी के संकट के बीच मिला संबल

अंतागढ़ निवासी संगीता साहू पेशे से मजदूर हैं और दिन-रात मेहनत-मजदूरी कर ही अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। घर के मुखिया और उनके पति का असामयिक निधन होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। चूंकि, उनके पति का पंजीयन श्रम विभाग में था, इसलिए इस दुखद घड़ी में विभाग के नियम-कानून उनके लिए मददगार साबित हुए। पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु होने पर विभाग द्वारा निर्धारित प्रावधानों के तहत उन्हें एक लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई। इस बड़ी मदद से मुश्किल परिस्थितियों से गुजर रहे इस गरीब परिवार को एक मजबूत आर्थिक-संबल मिला है।


सेवा-सेतु शिविर में सौंपी गई राशि

ग्राम आमाबेड़ा में 'सेवा-संकल्प अभियान' के अंतर्गत हाल ही में विशेष सेवा-सेतु शिविर का आयोजन किया गया था। इसी जन-चौपाल में प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में संगीता साहू को यह सहायता राशि सौंपी गई। सहायता प्राप्त करने के बाद भावुक हुई संगीता ने कहा कि रोज कमाकर खाने वाले मजदूर-वर्ग के लिए विपरीत परिस्थितियों में ऐसी मदद किसी बड़े वरदान से कम नहीं होती है।


शासन-प्रशासन के प्रति जताई कृतज्ञता

कठिन समय में मिली इस राहत के लिए संगीता ने राज्य सरकार के प्रति गहरी कृतज्ञता जाहिर की है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कांकेर के जिला-प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि श्रम विभाग में सही समय पर कराया गया पंजीयन आज उनके परिवार के लिए रक्षा-कवच बन गया है। इस वाकये ने क्षेत्र के अन्य असंगठित-मजदूरों को भी सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया है, ताकि वे भी समय रहते अपना पंजीयन करा सकें।

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
261018042858439

विज्ञापन

Advertisement