छत्तीसगढ़ के नवाचार का राष्ट्रीय स्तर पर बजा डंका, धमतरी का ड्रोन मॉडल सम्मानित
OM Darpan
Jul 20, 2026 02:07 am
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20 Jul 2026
धमतरी।
छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र में हो रहे आधुनिक नवाचारों को एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर बड़ी पहचान मिली है। धमतरी जिले में कलेक्टर के मार्गदर्शन में विकसित किए गए देश के पहले प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (PACS) आधारित ड्रोन कृषि सेवा मॉडल को कोलकाता में आयोजित भव्य समारोह में सम्मानित किया गया। कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस पर इस मॉडल को ग्रामीण भारत में कृषि आधुनिकीकरण का अनुकरणीय उदाहरण माना गया है।पैनल चर्चा में दिग्गजों ने सराहा धमतरी मॉडल
समारोह के दौरान “बेहतर कृषि सेवाओं की उपलब्धता के लिए पैक्स का सशक्तिकरण” विषय पर उच्च स्तरीय पैनल चर्चा हुई। इसमें धमतरी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बतौर मुख्य वक्ता जिले के इस सफल मॉडल और भविष्य के रोडमैप को देश के कृषि विशेषज्ञों के सामने रखा। इस चर्चा में पश्चिम बंगाल सरकार के सहकारिता विभाग के विशेष रजिस्ट्रार श्री पार्थ बसु, वॉव गो ग्रीन-ड्रोन के एमडी डॉ. शंकर गोयनका और इफको एमसी एग्रोकेमिकल्स के सीईओ श्री मनोज वार्ष्णेय सहित कई नीति निर्धारक शामिल हुए। सभी विशेषज्ञों ने धमतरी के इस प्रयोग को सराहा।सीएम साय की मंशा के अनुरूप वन-स्टॉप शॉप बनेंगे पैक्स
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर उन्हें 'वन-स्टॉप एग्रीकल्चर सर्विस सेंटर' बनाया जा रहा है। धमतरी देश का पहला ऐसा जिला है जिसने समितियों के जरिए सीधे ड्रोन सेवाएं दी हैं। वर्तमान में जिले की 10 प्रमुख समितियों— बोड़रा, लोहरसी, दोनर, अछोटा, खरेंगा, भोथीडीह, कुंदेल, गड़ाडीह, जुगदेही और करेली में प्रशिक्षित युवा पायलटों द्वारा तरल उर्वरकों का वैज्ञानिक छिड़काव किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने माना कि ड्रोन तकनीक टिकाऊ खेती का भविष्य है। इससे उर्वरकों की सटीक मात्रा का छिड़काव होता है, जिससे बर्बादी रुकती है और श्रम व समय की भारी बचत होती है। प्रशासन अब इस मॉडल के जरिए कृषि यंत्रीकरण, फसल सर्वेक्षण और बैंकिंग जैसी तमाम सेवाओं को एक ही छत के नीचे लाने की तैयारी कर रहा है।जरूरी खबरें
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