1 अक्टूबर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

50 हजार के रिवॉल्विंग फंड से देविका समूह ने गढ़ी सफलता की इबारत

शेयर करें

OM Darpan

Jul 28, 2026 12:04 am 548 views
50 हजार के रिवॉल्विंग फंड से देविका समूह ने गढ़ी सफलता की इबारत
  बीजापुर। बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड स्थित ग्राम चिन्नाकोडपाल की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास और सरकारी सहयोग से आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिखी है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वाटरशेड विकास कार्यक्रम) के तहत मिली 50,000 रुपए की चक्रीय निधि (रिवॉल्विंग फंड) ने देविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए नए द्वार खोल दिए हैं। इस राशि के निवेश से महिलाओं ने बकरी पालन और सब्जी उत्पादन शुरू कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।

मजदूरी छोड़ चुनी स्वरोजगार की राह

समूह से जुड़ने से पहले यहाँ की अधिकांश महिलाएं मजदूरी पर निर्भर थीं। रोजगार के सीमित अवसरों के कारण उन्हें अक्सर आर्थिक तंगी और ऋण के जाल में फंसना पड़ता था। देविका स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष सरिता तेलम और सचिव लक्ष्मी तेलम के कुशल नेतृत्व में 10 सदस्यीय इस समूह ने अपनी आजीविका की दिशा बदली। अब ये महिलाएं न केवल नियमित बचत कर रही हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर समूह से ही कम ब्याज दर पर ऋण लेकर अपनी जरूरतें पूरी कर रही हैं।

बकरी पालन बना गरीबों की कामधेनु

ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत और उच्च मांग के कारण बकरी पालन इन महिलाओं के लिए मुनाफे का सौदा साबित हुआ। सब्जी उत्पादन से होने वाली अतिरिक्त आय ने इनके परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की है। इस सामूहिक प्रयास से महिलाओं में वित्तीय अनुशासन और निर्णय लेने की क्षमता विकसित हुई है। शासन की योजना का सटीक क्रियान्वयन कर चिन्नाकोडपाल की इन महिलाओं ने समाज में एक नई पहचान बनाई है और पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी हैं।

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
261002044342737

विज्ञापन

Advertisement