जांजगीर-चांपा में मोर गांव-मोर पानी अभियान से संवर रही किसानों की तकदीर
OM Darpan
Aug 06, 2026 01:30 am
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06 Aug 2026
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जिले में 47 आजीविका डबरियों की मिली स्वीकृति, 14 में शुरू हुआ मत्स्य पालन
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वर्षा जल संचयन से बढ़ा खेती का रकबा, मेड़ों पर फसल उगाकर कमा रहे अतिरिक्त लाभ
सिंचाई के साथ बढ़ा खेती का रकबा
जांजगीर-चांपा जिले में अभियान के तहत कुल 47 आजीविका डबरियों का निर्माण स्वीकृत किया गया है, जिनमें से 35 डबरियों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वर्षा जल से भर चुकी इन डबरियों के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो रहा है, जिससे खेती का रकबा बढ़ने के साथ कृषि उत्पादन में भी वृद्धि हो रही है।मेड़ों पर फसल और डबरियों में मछली पालन
आजीविका डबरियां अब केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं रहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का सशक्त स्रोत भी बन रही हैं। वर्तमान में 14 डबरियों में मत्स्य पालन एवं कृषि आधारित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। डबरियों की मेड़ों पर दलहन, तिलहन तथा अन्य फसलों की खेती से किसानों को अतिरिक्त उत्पादन और बेहतर आमदनी प्राप्त हो रही है।भू-जल स्तर में सुधार और भविष्य की तैयारी
जिले में वर्तमान में 4 डबरियों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से वर्षा जल संरक्षण, भू-जल स्तर में सुधार तथा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिली है। मोर गांव-मोर पानी अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिससे किसान अब वर्षभर आजीविका गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं।जरूरी खबरें
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