26 सितम्बर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

सिम्स के डॉक्टरों का कमाल: 78 वर्षीय बुजुर्ग के अंडाशय से निकाला 1 किलो का कैंसर ट्यूमर

शेयर करें

OM Darpan

Aug 07, 2026 06:44 am 1,380 views
सिम्स के डॉक्टरों का कमाल: 78 वर्षीय बुजुर्ग के अंडाशय से निकाला 1 किलो का कैंसर ट्यूमर
  • 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला के अंडाशय से निकाला गया 15 सेंटीमीटर का विशाल कैंसरयुक्त ट्यूमर

  • निजी अस्पताल ने बताया था 3 लाख का खर्च, आयुष्मान योजना के तहत सिम्स में हुआ मुफ्त इलाज

  बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के विशेषज्ञों ने एक अत्यंत जटिल और उच्च जोखिम वाली सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों ने दर्रीघाट निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला के बाएं अंडाशय से लगभग 1 किलोग्राम वजन का कैंसरयुक्त ट्यूमर सुरक्षित बाहर निकालकर उन्हें नया जीवन प्रदान किया। मरीज पिछले 5-6 महीनों से पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द और तेजी से बढ़ रही गांठ से पीड़ित थीं। परिजन पहले उन्हें एक निजी अस्पताल ले गए थे, जहां जांच के बाद ऑपरेशन के लिए 2 से 3 लाख रुपये का खर्च बताया गया था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार चिंतित था, जिसके बाद मरीज को सिम्स में भर्ती कराया गया। सिम्स में आयुष्मान भारत योजना के तहत यह पूरा इलाज और जटिल ऑपरेशन बिल्कुल मुफ्त किया गया। सोनोग्राफी जांच में रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने पाया कि मरीज के बाएं अंडाशय में 15×12×10 सेंटीमीटर आकार का विशाल ट्यूमर था, जो आसपास के अंगों पर भारी दबाव डाल रहा था।

विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने हासिल की बड़ी सफलता

3 अगस्त 2026 को हुई इस सर्जरी में गायनेकोलॉजिकल सर्जरी टीम की विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. संगीता रमन जोगी, डॉ. दीपिका, डॉ. सौम्या और डॉ. वर्षा शामिल रहीं। जनरल सर्जरी विभाग से प्रोफेसर डॉ. रघुराज सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बी. डी. तिवारी और डॉ. गरिमा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. बी. रायजादा, डॉ. एस. कुजूर और डॉ. एम. देववर्मा के सटीक संज्ञाहरण प्रबंधन से यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफल रहा। डॉक्टरों ने कैंसर की चरण निर्धारण शल्य चिकित्सा के साथ गर्भाशय निकालने और बाईं मूत्रवाहिनी की मरम्मत जैसी जटिल प्रक्रियाएं पूरी कीं। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि रजोनिवृत्ति के बाद इस आकार का कैंसर ट्यूमर होना बेहद दुर्लभ और जोखिम भरा होता है। फिलहाल मरीज की हालत संतोषजनक है और वे डॉक्टरों की निगरानी में स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। परिजनों ने जीवनरक्षक मुफ्त इलाज के लिए सिम्स प्रबंधन का आभार जताया है।

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
260927051355338

विज्ञापन

Advertisement