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कलेक्टर का कड़ा एक्शन: जल जीवन मिशन के 9 ठेकेदार हुए ब्लैकलिस्ट

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OM Darpan

Jul 31, 2025 09:32 am 507 views
कलेक्टर का कड़ा एक्शन: जल जीवन मिशन के 9 ठेकेदार हुए ब्लैकलिस्ट
  रायगढ़। जिले में चल रहे जल जीवन मिशन के कार्यों में भारी लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कार्यरत ठेकेदारों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के दौरान नौ ठेकेदारों के टेंडर निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने के आदेश जारी किए गए हैं। कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी, सीईओ जिला पंचायत जितेंद्र यादव, सहायक कलेक्टर अक्षय डोसी सहित जिले के सभी एसडीओ, सब इंजीनियर्स और ठेकेदार उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जल जीवन मिशन के तहत चल रही परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लेना था।

कलेक्टर की सख्त हिदायतें

कलेक्टर चतुर्वेदी ने जोर देकर कहा कि मिशन मोड में संचालित यह योजना समय-सीमा में पूरी होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि हर महीने कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और भौतिक सत्यापन के आधार पर ही वास्तविक मूल्यांकन होगा। जहां भी कार्य अपूर्ण या धीमी गति से पाए जाएंगे, वहां अनुबंध की शर्तों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जिन ठेकेदारों ने कार्य अधूरा छोड़ दिया है या जिनकी प्रगति संतोषजनक नहीं है, उनके टेंडर तत्काल प्रभाव से निरस्त कर ब्लैकलिस्ट किया जाए।

इन 9 ठेकेदारों पर गिरी गाज

समीक्षा बैठक के दौरान जिन नौ ठेकेदारों के विरुद्ध टेंडर निरस्तीकरण और ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए, उनमें मे. गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी, मे. जितेश्वर साहू, मे. अजय सेल्स, मे. मुकुल मन्नत कंस्ट्रक्शन, मे. आशीष ट्रेडर्स एंड कंस्ट्रक्शन, रायगढ़, दुर्गेश चंद्रा, मे. हरिकृष्णा कंस्ट्रक्शन, मे. हीरादेवी, जांजगीर-चांपा और मे. के.पी. राठौर, जांजगीर-चांपा शामिल हैं।

कार्यों को तत्काल हैंडओवर करने के निर्देश

कलेक्टर चतुर्वेदी ने कहा कि जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें तत्काल पंचायतों को हैंडओवर किया जाए। उन्होंने सीईओ जनपद और विभागीय अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा स्थलों का भौतिक सत्यापन करने और निर्धारित मापदंडों के अनुसार कार्य पूर्ण पाए जाने पर हैंडओवर प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में फील्ड में आ रही समस्याओं, जैसे कुछ स्थलों पर जल स्रोत की अनुपलब्धता पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने विभाग को बोर खनन के माध्यम से जल स्रोत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोलर विलेज योजनाओं में क्रेडा द्वारा किए जाने वाले कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर क्रियाशील नल कनेक्शन सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि सिंगल और मल्टी विलेज स्कीम के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए एक ही स्थान पर दो बार खुदाई की जरूरत न पड़े, इसके लिए दोनों योजनाओं के ठेकेदार समन्वय से काम करें। कलेक्टर चतुर्वेदी ने दोहराया कि जल जीवन मिशन प्रदेश और केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है। इसमें सभी संबंधितों की जवाबदेही तय की जाएगी, क्योंकि कार्यों की गति, गुणवत्ता और प्रभावी क्रियान्वयन शासन की पहली प्राथमिकता है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
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