सिर्फ माँ-बहन की गालियाँ देना पड़ा भारी
OM Darpan
Oct 28, 2025 12:29 am
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28 Oct 2025
धमतरी।
करगा-चटौद पुल के नीचे मिली लाश के मामले में धमतरी पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस हत्याकांड को पुरानी रंजिश और मौके पर हुई गाली-गलौज के कारण अंजाम दिया गया। पुलिस ने हत्या में शामिल तीन आरोपियों, होमेश कुमार साहू, चाहत यादव और साक्ष्य नष्ट करने में मदद करने वाले मनीष कुमार साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
दिनांक 22 अक्टूबर 2025 को सुबह गिरीश कुमार महार द्वारा बिरेझर चौकी में सूचना दी गई थी कि करगा-चटौद पुल के नीचे एक मोटरसाइकिल सहित एक युवक का शव मृत अवस्था में पड़ा है। मृतक की पहचान ग्राम करगा निवासी 26 वर्षीय मनीष कुमार मिथलेश के रूप में हुई। पुलिस ने तुरंत मर्ग कायम कर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण ‘हॉमीसाइडल’ (हत्या) पाए जाने पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुरानी रंजिश और गाली-गलौज बना हत्या का कारण
जांच में पता चला कि मृतक मनीष कुमार मिथलेश पूर्व में जब रायपुर से गांव लौटा था, तब उसने मुख्य आरोपी होमेश कुमार साहू के साथ झगड़ा करते हुए मां-बहन की अशोभनीय गालियाँ दी थीं। इस घटना को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। 21 अक्टूबर 2025 की रात करीब 11:00 बजे होमेश कुमार साहू अपने दोस्त चाहत यादव के साथ मनीष को शराब पीने के बहाने चटौद करगा नाला पुल के पास ले गया।गला दबाने के बाद पत्थरों से सिर कुचला
शराब पीने के दौरान मनीष ने फिर से गाली-गलौज शुरू कर दी, जिससे विवाद बढ़ गया। इसी अवसर का लाभ उठाकर होमेश साहू ने पहले मनीष की आँख और गले में गमछा बांधकर दबाया और सिर पर प्रहार किया। इसके बाद होमेश साहू और चाहत यादव ने मिलकर मनीष को पुल से नीचे फेंक दिया। आरोपी होमेश को जब लगा कि मनीष अभी भी जीवित है, तो वह खुद नीचे उतरा और पत्थरों से उसके सिर एवं चेहरे पर कई वार किए, जिससे मनीष की मौके पर ही मौत हो गई।सबूत मिटाने की कोशिश और तीसरा आरोपी
हत्या के बाद आरोपियों ने मृतक की मोटरसाइकिल व चाबी नीचे फेंक दी, खून लगे कपड़े छिपाए और मोबाइल झाड़ी में फेंक दिया। होमेश साहू ने अगले दिन अपने रिश्तेदार मनीष कुमार साहू को पूरी घटना बताई और उसे गमछा व खून लगे मोबाइल जलाने के लिए कहा। पुलिस की गहन पूछताछ और निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कपड़े, गमछा और अधजला मोबाइल बरामद किए गए। जांच में मनीष साहू द्वारा साक्ष्य नष्ट करने की पुष्टि होने पर उसे भी सह-आरोपी बनाया गया। थाना कुरूद, सायबर टीम, एफएसएल टीम और चौकी बिरेझर स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका के कारण इस गंभीर हत्या कांड का त्वरित खुलासा हो सका है। तीनों आरोपियों को संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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