21 सितम्बर 2026 |
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आदेश न मानने पर 38 सहायक शिक्षक निलंबित

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OM Darpan

Jan 11, 2026 05:32 am 306 views
आदेश न मानने पर 38 सहायक शिक्षक निलंबित

कांकेर।

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वाले शिक्षकों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने ‘युक्तियुक्तकरण’ (Rationalization) प्रक्रिया के तहत नई पदस्थापना वाले स्कूलों में कार्यभार ग्रहण न करने वाले 38 सहायक शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) रमेश कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया है।

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मिली थी नई जिम्मेदारी

राज्य सरकार द्वारा स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए युक्तियुक्तकरण योजना लागू की गई है। इसके तहत जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षक अधिक (अतिशेष) थे, उन्हें एकल-शिक्षक या शिक्षक-विहीन स्कूलों में स्थानांतरित किया गया था। कांकेर जिले में भी इसी प्रक्रिया के तहत अतिशेष सहायक शिक्षकों की नई पदस्थापना की गई थी, ताकि दूरस्थ अंचलों में भी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

जुलाई 2025 तक का था समय

डीईओ रमेश कुमार ने जानकारी दी कि इन शिक्षकों को जुलाई 2025 तक अपने नए स्कूलों में कार्यभार ग्रहण करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, संबंधित शिक्षकों ने आदेश को दरकिनार कर दिया। विभाग द्वारा इन्हें तीन से चार बार कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया और अंतिम अवसर भी दिया गया, लेकिन न तो इन्होंने स्कूल ज्वाइन किया और न ही कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत किया।

अपील खारिज होने के बाद भी नहीं दिया योगदान

विभागीय जानकारी के अनुसार, कई शिक्षकों ने अपनी नई पदस्थापना के विरोध में जिला स्तर पर अपील भी दायर की थी। नियमानुसार सुनवाई और जांच के बाद इन अपीलों को खारिज कर दिया गया। अपील खारिज होने के बाद यह अनिवार्य था कि शिक्षक अपने कर्तव्य स्थल पर उपस्थित हों, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसे विभाग ने गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।

शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं

इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि छात्रों की पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में भी कोई शिक्षक प्रशासनिक आदेशों या युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ इसी तरह की सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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