22 सितम्बर 2026 |
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आदिवासी संस्कृति, लोक नृत्य और आर्थिक संगम का भव्य केंद्र है मड़ई महोत्सव - अशवंत तुषार साहू

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OM Darpan

Jan 30, 2026 12:30 am 380 views
आदिवासी संस्कृति, लोक नृत्य और आर्थिक संगम का भव्य केंद्र है मड़ई महोत्सव - अशवंत तुषार साहू

महासमुंद:

विधानसभा क्षेत्र के ग्राम अछरिडीह में पारंपरिक मड़ई और मेला महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय तेली कर्मा सेना के संस्थापक व भाजपा किसान नेता अशवंत तुषार साहू शामिल हुए।

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ग्राम अछरिडीह पहुँचने पर ग्रामीण समिति के सदस्यों द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। समिति ने चंदन, गुलाब और पुष्प गुच्छ के साथ श्रीफल भेंट कर अतिथि का अभिनंदन किया।

जनसमूह को संबोधित करते हुए भाजपा किसान नेता अशवंत तुषार साहू ने मड़ई मेले की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "मड़ई मेला महोत्सव छत्तीसगढ़ की एक समृद्ध और पारंपरिक आदिवासी उत्सव है। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी जड़ों से जुड़ने का माध्यम है।"

उन्होंने अपने उद्बोधन में विस्तार से बताया कि मड़ई में देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। यह वह अवसर है जहाँ कर्मा और रेला जैसे लोक नृत्यों की थाप और लोकगीतों की गूंज सुनाई देती है। नाटकों का मंचन इस उत्सव की शोभा बढ़ाता है।

अशवंत तुषार साहू ने मेले के आर्थिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यहाँ लगने वाला विशाल मेला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। मेले में खाने-पीने की दुकानों, हस्तशिल्प और झूलों के साथ-साथ घरेलू जरूरत का सामान भी उपलब्ध होता है। उन्होंने इसे आदिवासी संस्कृति, सामाजिक मेलजोल और आर्थिक आदान-प्रदान का एक अद्भुत संगम करार दिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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