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आरएसएस पर प्रतिबंध की मांग ‘भारत विरोधी एजेंडा’: बाबा रामदेव

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OM Darpan

Nov 03, 2025 05:52 am 172 views
आरएसएस पर प्रतिबंध की मांग ‘भारत विरोधी एजेंडा’: बाबा रामदेव
  नई दिल्ली। योग गुरु एवं पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक बाबा रामदेव ने रविवार को एक विशेष साक्षात्कार में कई ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली ताकतों को सीधे तौर पर 'भारत-विरोधी' और 'सनातन-विरोधी' बताया। इसके साथ ही, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ लगाने की आर्थिक नीति को वैश्विक आतंकवाद के समान खतरनाक बताया।

आरएसएस पर प्रतिबंध की मांग

कांग्रेस पार्टी और आरएसएस के बीच चल रही बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबा रामदेव ने आरोप लगाया कि भारत-विरोधी और सनातन-विरोधी ताकतें अपने गुप्त एजेंडे और स्वार्थों को पूरा करने के लिए इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये ताकतें देश में सनातनी जीवन शैली और हिंदू संगठनों का विरोध करने का एजेंडा चला रही हैं।

जातिगत भेदभाव पर कड़ा प्रहार

बाबा रामदेव ने सनातन धर्म के नाम पर फैले जातिगत भेदभाव की प्रथा की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह 'सनातनी संस्कृति' नहीं है, बल्कि यह 'तनातनी संस्कृति' है, जिस पर तुरंत विराम लगना चाहिए।

ट्रंप की टैरिफ नीति 'आर्थिक युद्ध'

वैश्विक आर्थिक मोर्चे पर बोलते हुए, बाबा रामदेव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अलग-अलग देशों पर टैरिफ लगाने की आर्थिक नीति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि टैरिफ लगाना किसी देश के खिलाफ आतंकवाद फैलाने जैसा है। योग गुरु ने इस 'आर्थिक युद्ध' के तरीके की तुलना तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति से की। उन्होंने कहा, 'टैरिफ आतंकवाद है, यह बहुत खतरनाक है। अगर तीसरा विश्व युद्ध होता है तो वह यही आर्थिक युद्ध होगा। इसमें कम से कम गरीब एवं विकासशील देशों का खयाल रखा जाना चाहिए।'

बिहार चुनाव और प्रधानमंत्री मोदी का प्रभाव

राजनीतिक चर्चा के दौरान, बाबा रामदेव ने आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की जीत पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि विरोधी राजनीतिक पार्टियों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे विराट व्यक्तित्व के सामने टिक पाना बेहद मुश्किल होगा।

आत्मनिर्भरता का सिद्धांत: स्वदेशी

योग गुरु ने स्वदेशी अपनाने पर जोर दिया और इसे आत्मनिर्भरता का सिद्धांत बताया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का मूल पंक्ति में खड़े आखिरी व्यक्ति के उत्थान का सिद्धांत है। उन्होंने महर्षि दयानंद से लेकर स्वामी विवेकानंद जैसे महान लोगों का उदाहरण दिया, जिन्होंने इसकी वकालत की है। रामदेव ने अंत में कहा, 'समर्पित रहें, और अपने साथ-साथ अपने आस-पास के लोगों और अपने माहौल का भी उत्थान करें। यही स्वदेशी का मूल है।'
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