एमसीएल ने ई-कचरे के खिलाफ छेड़ा महाभियान, 350 भारी बैटरियों का निपटान कर कमाया राजस्व
OM Darpan
संबलपुर। महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने पर्यावरण संरक्षण और कार्यस्थलों पर स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए ई-कचरे के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। देश भर में चल रहे छठे विशेष स्वच्छता अभियान के तहत 31 अक्टूबर तक कंपनी अपने मुख्यालय और सभी खदान क्षेत्रों में ई-कचरे का सुरक्षित और वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित कर रही है।
जगह-जगह लगाए गए ई-कचरा कलेक्शन कियोस्क
इलेक्ट्रॉनिक कचरे को खुले में फेंकने से रोकने के लिए कंपनी ने विभिन्न क्षेत्रों में ई-कचरा संग्रह कियोस्क स्थापित किए हैं। अधिकृत रीसाइक्लिंग कंपनियों के जरिए इन कबाड़ हो चुके इलेक्ट्रॉनिक सामानों का सुरक्षित निपटान किया जा रहा है। इस पहल में कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों और कर्मचारियों को यह भी बताया जा रहा है कि गलत तरीके से ई-कचरा फेंकने से हवा, मिट्टी और भूजल किस तरह जहरीला हो सकता है और इसका मानव स्वास्थ्य पर क्या खतरा है।
पहले हफ्ते में ही साफ हुआ तीन लाख वर्ग फुट इलाका
सफाई के इस महाभियान के पहले ही सप्ताह में एमसीएल ने तेज रफ्तार से काम करते हुए 240 में से 73 चिन्हित स्थानों को पूरी तरह से साफ कर दिया है। 10 लाख वर्ग फुट क्षेत्र को साफ करने के बड़े लक्ष्य के मुकाबले कंपनी अब तक 3 लाख 6 हजार 663 वर्ग फुट से ज्यादा का इलाका साफ कर चुकी है।
600 मीट्रिक टन कबाड़ हटाने का है लक्ष्य
कंपनी का लक्ष्य सिर्फ सफाई करना ही नहीं, बल्कि बेकार पड़े कबाड़ का सुरक्षित निपटारा करना भी है। इस अभियान के दौरान 600 मीट्रिक टन कबाड़ हटाने का लक्ष्य तय किया गया है। खदानों में इस्तेमाल होने वाली भारी-भरकम मशीनों (एचईएमएम) की 350 खराब बैटरियों का सुरक्षित तरीके से निपटान किया गया है, जिससे कंपनी को राजस्व भी प्राप्त हुआ है। अपनी इस पहल से एमसीएल देश को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के राष्ट्रीय मिशन में अहम भूमिका निभा रहा है।
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