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महागठबंधन के तेजस्वी प्रण के जवाब में एनडीए 31 अक्टूबर को पेश करेगा संयुक्त घोषणापत्र

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OM Darpan

Oct 30, 2025 11:45 pm 200 views
महागठबंधन के तेजस्वी प्रण के जवाब में एनडीए 31 अक्टूबर को पेश करेगा संयुक्त घोषणापत्र
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार, 31 अक्टूबर को अपना संयुक्त घोषणापत्र जारी करने की घोषणा की है। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब विपक्षी महागठबंधन पहले ही 'बिहार का तेजस्वी प्रण' शीर्षक से अपना घोषणापत्र जारी करके बड़े वादे कर चुका है। एनडीए के इस संयुक्त घोषणापत्र कार्यक्रम में गठबंधन के सभी वरिष्ठ नेताओं के मौजूद रहने की उम्मीद है।

महागठबंधन के बड़े वादों का दबाव

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने अपने घोषणापत्र में कई ऐसे वादे किए हैं, जिसने एनडीए पर दबाव बढ़ा दिया है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर राज्य के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के लिए कानून पारित करने का वादा। इसके अतिरिक्त, 'माई-बहन मान योजना' के तहत, महिलाओं को 1 दिसंबर से अगले पाँच वर्षों तक 2,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता देने का वादा किया गया है। महागठबंधन के इन वादों पर एनडीए की प्रतिक्रिया का बेसब्री से इंतजार रहेगा।

पुरानी पेंशन योजना और आरक्षण में वृद्धि

विपक्षी गठबंधन ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू करने का भी वादा किया है। ओपीएस कांग्रेस पार्टी के एजेंडे में एक महत्वपूर्ण बिंदु रहा है, खासकर हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा इसे बहाल करने के बाद। चुनावी वादों में पंचायत और नगर निकायों में अति पिछड़े वर्गों के लिए मौजूदा 20 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 30 प्रतिशत करना भी शामिल है। घोषणापत्र में कहा गया है कि अनुसूचित जातियों (एससी) के लिए यह सीमा 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत की जाएगी और अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लिए भी आनुपातिक वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। अन्य प्रमुख वादों में प्रत्येक परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया गया है। धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए किए गए वादों के तहत, वक्फ (संशोधन) अधिनियम को स्थगित करने और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी बनाने का वादा किया गया है। साथ ही, बोधगया स्थित बौद्ध मंदिरों का प्रबंधन बौद्ध समुदाय के लोगों को सौंपा जाएगा। 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होगा। इसके साथ ही सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की आठ सीटों के लिए उपचुनाव भी 11 नवंबर को होंगे। दोनों के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। एनडीए में भारतीय जनता पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस पार्टी, दीपांकर भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम) और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं।  
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