18 सितम्बर 2026 |
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PM Modi Cabinet Meeting: 4.5 घंटे चली मोदी कैबिनेट की बैठक, 9 मंत्रालयों का रिव्यू और 'विजन 2047' पर मंथन

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OM Darpan

May 22, 2026 11:28 am 313 views
PM Modi Cabinet Meeting: 4.5 घंटे चली मोदी कैबिनेट की बैठक, 9 मंत्रालयों का रिव्यू और 'विजन 2047' पर मंथन

नई दिल्ली (ओमदर्पण न्यूज़)।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार शाम अपने सभी मंत्रियों के साथ एक अहम और विस्तृत बैठक की। करीब साढ़े चार घंटे तक चली इस 'मैराथन' बैठक में देश की तरक्की से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर मंथन हुआ, मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की गई और भविष्य की रणनीति तय की गई।

यह बैठक शाम 5 बजे 'सेवा तीर्थ' में शुरू हुई। इसमें केंद्र सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री और बाकी राज्यमंत्री भी शामिल हुए। यह इस साल की पहली पूर्ण कैबिनेट बैठक थी। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने के करीब यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह सरकार के कामकाज का एक तरह का 'मिड-टर्म रिव्यू' (मध्यवधि समीक्षा) था।

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9 मंत्रालयों ने दिया कामकाज का ब्यौरा

बैठक में 9 अहम मंत्रालयों ने अपने कार्यों का प्रेजेंटेशन दिया। सबसे पहले कॉमर्स मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट पेश की। इसके बाद पेट्रोलियम, गृह मंत्रालय, वित्त और विदेश मंत्रालय के काम का भी रिव्यू किया गया। मंत्रालयों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि वे अपने सुधारों को चार हिस्सों— कानून में बदलाव, नियमों में बदलाव, नीति में बदलाव और काम करने के तरीके में बदलाव— में बांटकर प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी बताना था कि इन बदलावों का आम जनता के जीवन पर क्या सकारात्मक असर पड़ा है।

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'विजन 2047' और 'ईज ऑफ लिविंग' पर पीएम का जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे भारत को 2047 तक एक विकसित देश बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करें। उन्होंने 'ईज ऑफ लिविंग' (आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाने) और व्यवस्थागत सुधारों पर विशेष जोर दिया। बैठक में बड़ी सरकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की प्रगति के साथ-साथ मंत्रालयों के बीच आपसी तालमेल की भी समीक्षा की गई।

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मिडिल ईस्ट संकट का असर और सरकार की तैयारी

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे मौजूदा तनाव का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। इस अहम मुद्दे पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को निर्देशित किया कि ऐसे एहतियाती कदम उठाए जाएं जिससे इस वैश्विक संकट का आम नागरिकों पर कम से कम असर पड़े। विशेष रूप से एनर्जी (ऊर्जा), कृषि, खाद, एविएशन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर्स पर खास ध्यान देने को कहा गया है।

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ये दिग्गज मंत्री रहे नदारद, जयशंकर ने दी विदेश यात्रा की जानकारी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में मंत्रियों का एक अनौपचारिक समूह पहले से ही मिडिल ईस्ट संकट पर नजर रख रहा है। हालांकि, राजनाथ सिंह साउथ कोरिया के दौरे पर होने के कारण गुरुवार की इस बैठक में शामिल नहीं हो सके। इसी तरह स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी जिनेवा में होने के चलते अनुपस्थित रहे। बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पीएम मोदी की हालिया पांच देशों की विदेश यात्रा, उससे हासिल हुए लक्ष्यों और भविष्य के रोडमैप के बारे में सभी मंत्रियों को विस्तृत जानकारी दी।

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