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PM मोदी की देशवासियों से बड़ी अपील

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OM Darpan

May 12, 2026 01:59 pm 240 views
PM मोदी की देशवासियों से बड़ी अपील

वडोदरा/सोमनाथ (ओमदर्पण न्यूज़)।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन और संसाधनों का संयमित उपयोग करने की अपील की है। लगातार दूसरे दिन अपनी बात रखते हुए उन्होंने पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके साथ ही, सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के 75 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए दुनिया को कड़ा संदेश दिया और तुष्टिकरण की राजनीति पर जमकर प्रहार किया।

सोने की खरीद टालें, खाने के तेल का कम करें उपयोग

वडोदरा में लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे पूरे देश ने एकजुट होकर कोरोना संकट का सामना किया था, वैसे ही मौजूदा संकट से भी हम बाहर निकलेंगे। अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए उन्होंने देशवासियों से दो खास अपील कीं:

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  1. सोने का आयात: उन्होंने कहा कि सोने के आयात पर देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश जाता है। इसलिए जब तक हालात पूरी तरह सामान्य न हो जाएं, लोग सोने की खरीद टालें, क्योंकि अभी गोल्ड की उतनी जरूरत नहीं है।

  2. खाने का तेल: पीएम ने खाद्य तेल की खपत कम करने की भी अपील की। उन्होंने समझाया कि खाद्य तेल के आयात पर भी बड़ी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। इसके कम उपयोग से देश की अर्थव्यवस्था और लोगों के स्वास्थ्य दोनों को फायदा होगा।

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों (NRIs) से आग्रह किया कि वे कम से कम पांच विदेशी मेहमानों को भारत घुमाने के लिए प्रेरित करें।

पोखरण परीक्षण: जब दुनिया भारत को दबोचने उतरी थी

इससे पहले, सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 11 मई 1998 के ऐतिहासिक पोखरण परमाणु परीक्षण को याद किया। उन्होंने कहा कि 11 मई का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि इसी दिन देश ने 'ऑपरेशन शक्ति' के तहत परमाणु परीक्षण किया था।

पीएम मोदी ने कहा, "तब दुनिया भर की शक्तियां भारत को दबोचने मैदान में उतर गई थीं। हमारे लिए सारे रास्ते बंद कर दिए गए थे, लेकिन हम डरे नहीं, डटे रहे।" उन्होंने बताया कि शिव के साथ शक्ति की आराधना ही हमारी परंपरा रही है, इसीलिए इस ऑपरेशन को 'शक्ति' नाम दिया गया था।

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तुष्टिकरण की राजनीति पर प्रहार

सोमनाथ मंदिर के इतिहास का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लुटेरों ने बार-बार इस मंदिर की भव्यता मिटाने और इसे तोड़ने की कोशिश की, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में सांस्कृतिक और पवित्र स्थलों के पुनर्निर्माण को लेकर काफी राजनीति हुई है। दुर्भाग्य से आज भी ऐसी ताकतें सक्रिय हैं, जो राष्ट्रीय स्वाभिमान से ज्यादा तुष्टिकरण को महत्व देती हैं। पीएम ने स्पष्ट किया कि भारत में विरासत और आधुनिकता एक-दूसरे से अलग नहीं, बल्कि साथ-साथ चलते हैं। दुनिया की कोई ताकत अब भारत को न झुका सकती है और न ही दबा सकती है।

वाजपेयी सरकार का वह साहसिक कदम

ज्ञात हो कि 11 मई 1998 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भारत ने अपना दूसरा परमाणु परीक्षण किया था। यह इतना गोपनीय ऑपरेशन था कि विदेशी खुफिया एजेंसियों (CIA आदि) को इसकी भनक तक नहीं लगी थी। इस परीक्षण के जरिए भारत ने अपनी रणनीतिक और वैज्ञानिक ताकत का लोहा मनवाया था, जिसके बाद अमेरिका, जापान और कुछ पश्चिमी देशों ने भारत पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे, लेकिन भारत मजबूती से खड़ा रहा।

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