16 सितम्बर 2026 |
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रामनामी समाज से भेंट में छलका आस्था का सागर, मोदी बोले- यही है भारत की आत्मा

OM Darpan

Nov 03, 2025 06:30 am 167 views
रामनामी समाज से भेंट में छलका आस्था का सागर, मोदी बोले- यही है भारत की आत्मा
  रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रामनामी समाज के बीच आत्मीय संवाद का एक अत्यंत भावुक वीडियो देश में तेजी से वायरल हुआ है। इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे भावनात्मक और प्रेरणादायी पल बताया है। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित रजत महोत्सव के दौरान एक हृदयस्पर्शी दृश्य उस समय देखने को मिला, जब रामनाम में लीन जीवन जीने वाले रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट की।

मुख्यमंत्री साय ने मुलाकात की व्यवस्था की

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री के रायपुर प्रवास से कुछ ही घंटे पहले उनकी मुलाकात मंत्रालय में रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों से हुई थी। प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री से मिलने की प्रबल इच्छा व्यक्त की थी, जिसके अनुरूप तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। मुख्यमंत्री ने सुनिश्चित किया कि रामनाम के प्रति समर्पित इस समाज की इच्छा पूरी हो।

आदर और स्नेह के साथ किया गया सम्मान

जब रजत महोत्सव के दौरान रामनामी समुदाय के श्रद्धालु प्रधानमंत्री मोदी से मिले, तब उन्होंने बड़े आदर और प्रेम से प्रधानमंत्री को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से मुख्य मंच पर अलंकृत करने की अभिलाषा प्रकट की। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस सहजता, स्नेह और आत्मीय भाव से उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया, वह क्षण वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी बन गया। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि यह पल भक्ति और कर्म का अद्वितीय संगम झलकाता है।

रामनामी समाज का अटूट समर्पण

मुख्यमंत्री साय ने रामनामी समाज के सदस्यों की जीवन साधना की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि रामनाम ही जिनका धर्म और रामभक्ति ही जिनका कर्म है, ऐसे अद्भुत और राममय समाज के सदस्यों के तन पर अंकित ‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या और अटूट आस्था का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह समुदाय अपने तन, मन और जीवन को प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित कर देता है — यही उनकी जीवन साधना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह दृश्य इस सत्य को पुष्ट करता है कि रामभक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र साधना है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आचरण और जीवन मूल्यों से सार्थक किया है।
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