2 अक्टूबर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

ग्रामीणों ने किया कोयला खदान सर्वे का विरोध, पेसा कानून लागू करने का सर्वसम्मत निर्णय

शेयर करें

OM Darpan

Sep 19, 2024 12:48 am 220 views
ग्रामीणों ने किया कोयला खदान सर्वे का विरोध, पेसा कानून लागू करने का सर्वसम्मत निर्णय
  • पेलमा गांव में ग्रामीणों ने सामुदायिक वन अधिकार की सुरक्षा और पेसा एक्ट लागू करने की उठाई मांग
रायगढ़।  तमनार तहसील के ग्राम पंचायत पेलमा में एक विशेष सभा का आयोजन किया गया, जिसमें पेलमा, उरवा, जरहीडीह, लालपुर, सक्ता, खार, मड़वाडूमर, हिझर, और मीलूपारा गांवों के ग्रामीण महिला-पुरुष मतदाताओं ने भाग लिया। बैठक में चर्चा हुई कि एससीसीएल (सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड) द्वारा कोयला खदान के लिए बिना ग्राम सभा की अनुमति के डोन सर्वे की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से इसका विरोध करते हुए इसे रोकने का निर्णय लिया। बैठक में सामुदायिक वन अधिकार के तहत प्राप्त भूमि की सामुदायिक स्तर पर देखरेख और सुरक्षा करने का भी प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही, पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में पेसा एक्ट के तहत भू-अर्जन कानून को पढ़कर सभी ग्रामीणों को अवगत कराया गया। ग्राम पंचायत में पेसा एक्ट को लागू करने और ग्राम स्तर पर एक समिति का गठन करने का फैसला लिया गया। यह भी तय किया गया कि प्रत्येक गांव में सप्ताह में एक बार बैठक आयोजित की जाएगी। आगामी 2 अक्टूबर को 15वें कोयला सत्याग्रह के आयोजन के लिए स्थल चयन और कार्यक्रम की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। इस आयोजन को पेलमा में करने का निर्णय लिया गया और इसके लिए सहयोग राशि एकत्रित करने की योजना बनाई गई। इस बैठक में चक्रधर राठिया, शिव पटेल, मुरली पटेल, अक्षय पटेल, भोजमती राठिया, राजेश गुप्ता, अमृत भगत, मदन सिंह राठिया, बंशी पटेल, सबल राठिया, सन कुमारी राठिया, संतोषी मेहर (सरपंच पेलमा), रामदुलारी राठिया (उप सरपंच पेलमा), और अन्य ग्रामीण उपस्थित थे। खनन प्रभावित क्षेत्र उरबा, पेलमा, लालपुर, खार, मड़वाडूमर, हिझर, मीलूपारा और सक्ता के सभी लड़ाकू साथी भी सभा में शामिल हुए।
Tags

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
261002144646724

विज्ञापन

Advertisement

संबंधित खबरें

पेज 1 / 8