मिशन क्लीन विलेज : ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियमों पर रायगढ़ में महामंथन, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
OM Darpan
Jun 24, 2026 03:41 am
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24 Jun 2026
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कचरा जलाने पर लगेगा भारी जुर्माना
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4-वे पृथक्करण प्रणाली पर दिया जोर
4-वे पृथक्करण से बदलेगी गांवों की सूरत
प्रशिक्षण सत्र के दौरान मास्टर ट्रेनर एवं राज्य सलाहकार मोनिका सिंह तथा पुरुषोत्तम पंडा ने प्रतिभागियों को कचरा प्रबंधन की बारीकियों से रूबरू कराया। उन्होंने घरेलू और सामुदायिक स्तर पर '4-वे कचरा पृथक्करण प्रणाली' को अपनाने पर विशेष जोर दिया। इस तकनीक के तहत गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी अपशिष्ट और घरेलू खतरनाक कचरे को स्रोत स्तर पर ही अलग-अलग संग्रहित करना अनिवार्य होगा। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि कचरे का पृथक्करण शुरुआती स्तर पर ही कर लिया जाए, तो उसका वैज्ञानिक निस्तारण अधिक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल हो जाता है। पंचायतों को निर्देश दिए गए कि वे कचरा संग्रहण और परिवहन के लिए वैज्ञानिक व्यवस्था जल्द से जल्द विकसित करें।पोर्टल पर होगा बल्क वेस्ट जनरेटरों का पंजीयन
कार्यशाला में बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों यानी 'बल्क वेस्ट जनरेटरों' की पहचान और उनकी जवाबदेही पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मास्टर ट्रेनर्स ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि अब बड़े संस्थानों के अपशिष्ट प्रबंधन की नियमित निगरानी की जाएगी। इस दौरान मुख्य रसायनज्ञ नवीन चंद्र मालवीय, वैज्ञानिक श्वेता खाखा, वैज्ञानिक सतीश पटेल और जिला पंचायत के एपीओ वीरेंद्र सिंह राय ने भी तकनीकी मार्गदर्शन दिया। जिला सलाहकार अर्जुन मेहेर सहित विभिन्न जनपद पंचायतों की टीम, सरपंच और सचिवों ने संकल्प लिया कि वे स्वच्छता को जनआंदोलन बनाएंगे। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि सामुदायिक सहभागिता के बिना पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य प्राप्त करना असंभव है।यह भी पढ़ें: रायगढ़ की ताजा खबरें पढ़ें
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