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333 विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण और भूमिपूजन
- खरीफ 2026 से लागू होगी नई प्रोत्साहन योजना
- सोयाबीन खरीदी के लिए जिला प्रशासन और एबीस के बीच एमओयू
राजनांदगांव।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन में जिले को 510.89 करोड़ रुपये के 333 विकास कार्यों की सौगात दी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने और किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प दोहराया।
खेती में बदलाव पर मिलेगा भारी बोनस
मुख्यमंत्री साय ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन या अन्य वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता दी जाएगी। गौरतलब है कि राजनांदगांव जिले ने जल संरक्षण और फसल चक्र परिवर्तन में मिसाल पेश की है, जिसे देखते हुए सरकार अब फसल विविधीकरण को आर्थिक प्रोत्साहन से जोड़ रही है।
सुशासन और तकनीक से संवरेगा भविष्य
प्रशासनिक पारदर्शिता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 और ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए 400 से अधिक सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान शिवनाथ नदी के मोहारा मेला स्थल से ऑक्सीजन जोन तक सस्पेंशन ब्रिज, ईरा एनीकट निर्माण और कुमरदा-गेंदाटोला मार्ग जैसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की भी घोषणा की गई, जिससे क्षेत्र में पर्यटन और आवागमन को मजबूती मिलेगी।
सोयाबीन खरीदी के लिए हुआ बड़ा करार
किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और एबीस एक्सपोर्ट के बीच सोयाबीन खरीदी के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पद्मश्री फूलबासन बाई के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि फसल विविधीकरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। इस दौरान प्रभारी मंत्री गजेन्द्र यादव और पर्यटन मण्डल अध्यक्ष नीलू शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।









