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नक्सलवाद की समाप्ति के बाद शांति और विकास का संदेश लेकर निकली यात्रा
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90 गांवों में पहली बार लहराएगा तिरंगा
✍️ विशेष संवाददाता
नारायणपुर | बस्तर में शांति, एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर बुधवार को नारायणपुर जिला मुख्यालय के हायर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड से ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का शुभारंभ हुआ। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व करते हुए रवाना हुए। क्षेत्र के विभिन्न समाज प्रमुखों ने इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बस्तर तिरंगा यात्रा के आयोजन में शामिल बच्चों से मंत्रियों ने आत्मीयता के साथ मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विकास का बिगुल फूंकते हुए सभी को शांति और प्रगति का संदेश दिया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जहां पहले नक्सली घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया था। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से देश और दुनिया को संदेश दिया जाएगा कि इन क्षेत्रों में अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। नारायणपुर का चयन विशेष उद्देश्य के तहत किया गया है, क्योंकि यह जिला सबसे लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। यात्रा का समापन 14 अगस्त को बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में माओवाद के विरुद्ध नीति बनाकर 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त किया गया है।
विजय शर्मा ने जानकारी दी कि जनवरी 2024 से लेकर अब तक बस्तर के अनेक दुर्गम गाँवों में लगातार राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण किया गया है। इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर सम्भाग के 90 से अधिक ऐसे गाँव हैं, जहाँ आजादी के बाद पहली बार तिरंगा लहराएगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा फहरने का मतलब है कि बाबा साहब द्वारा लिखित संविधान अब राज्य के कोने-कोने में लागू होगा। शर्मा के अनुसार, पहले नक्सली घरों पर काला झंडा लगाने का फरमान देते थे, लेकिन अब हर घर में तिरंगा फहर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर में अब शासन सड़क, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में योजनाबद्ध काम कर रहा है और निर्माण कार्यों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने कहा कि कभी नक्सल गतिविधियों का केंद्र रहे क्षेत्रों से आज तिरंगा यात्रा निकल रही है। यात्रा उन स्थानों की मिट्टी एकत्रित करेगी जहां जवानों और नागरिकों ने शहादत दी है, जिसका उपयोग भविष्य में स्मारक निर्माण में किया जाएगा। यह यात्रा 12 अगस्त से 14 अगस्त तक बस्तर के अति-संवेदनशील और भीषण माओवाद प्रभावित इलाकों से गुजरेगी। पहले दिन यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर मुंजमेटा, झारागांव, धौड़ाई, कन्हारगांव, कड़ेनार, बोदली, सातधार और बारसुर होते हुए दंतेवाड़ा पहुंची। दूसरे दिन यात्रा दंतेवाड़ा से सुकमा और बीजापुर के क्षेत्रों में जाएगी, जबकि तीसरे दिन बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर इसका समापन होगा।
इस ऐतिहासिक अवसर पर लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जनप्रतिनिधि राहुल टिकरिया और संध्या पवार उपस्थित रहे। साथ ही कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर नम्रता जैन, एसपी संदीप कुमार पटेल, जिला पंचायत सीईओ और डीएफओ सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने सहभागिता की।










