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त्रिदिवसीय सद्गुरु कबीर सत्संग समारोह में ममतामई माता सुलक्षणा देवी जी का हुआ आगमन

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OM Darpan

Jan 29, 2025 06:34 am 548 views
त्रिदिवसीय सद्गुरु कबीर सत्संग समारोह में ममतामई माता सुलक्षणा देवी जी का हुआ आगमन

रायपुर। गुलमोहर पार्क, राम नगर रायपुर में आयोजित त्रिदिवसीय सद्गुरु कबीर सत्संग समारोह में आज परम पूज्यनिय माता सुलक्षणा देवी जी का पावन आगमन हुआ। इस अवसर पर समस्त कबीरपंथ समाज द्वारा ममतामई माताजी का भव्य शोभायात्रा, सत्यनाम धुन के साथ स्वागत किया गया। नगरवासियों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। माताजी ने अपने प्रवचन में पाखंडवाद से दूर रहकर तन, मन और धन से नित्य सत्संग करने का संदेश दिया। इसके साथ ही निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। माता जी ने अच्छे गुरु के महत्व पर भी प्रकाश डाला और समाज के हर वर्ग को सत्संग के लाभ के बारे में बताया। यह त्रिदिवसीय सत्संग समारोह श्री सदगुरु कबीर सत्संग सेवा समिति और आमीन माता महिला मंडल रामनगर परिक्षेत्र द्वारा आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के अंतिम दिन, चौका आरती संपन्न होगी।

माताजी का पाखंडवाद से दूर रहने का संदेश

परम पूज्यनिय माता सुलक्षणा देवी जी ने त्रिदिवसीय सद्गुरु कबीर सत्संग समारोह के दौरान समाज को पाखंडवाद से दूर रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पाखंड, अंधविश्वास और दिखावे से बचकर सत्य मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। सत्संग एक ऐसा साधन है, जो व्यक्ति को आत्मज्ञान और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। माता जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अपने जीवन में सत्य और प्रेम की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी बताया कि, न केवल शब्दों में, बल्कि कार्यों में भी पाखंड को त्याग कर जीवन को सरल और सहज बनाया जा सकता है। उनका यह संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए बेहद प्रासंगिक था, खासकर उस समय जब समाज में कई प्रकार के भ्रम और मिथ्याचार फैल रहे हैं।

समाज सेवा और निस्वार्थ भावना का महत्त्व

माताजी ने अपने प्रवचन में समाज सेवा के महत्व को भी विशेष रूप से उजागर किया। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। निस्वार्थ भावना से दूसरों की मदद करने से ही वास्तविक सुख की प्राप्ति होती है। सत्संग में हमेशा यही प्रेरणा मिलती है कि स्वयं को समाज की सेवा में समर्पित करना चाहिए। माता जी ने उपस्थित सभी जनों को बताया कि जब तक समाज में निस्वार्थ भाव से सेवा का भाव नहीं होगा, तब तक समाज में सच्चे परिवर्तन की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से यह अपील की कि वे अपने जीवन में जितना संभव हो सके, दूसरों की मदद करें और समाज की भलाई के लिए काम करें। उनके इस संदेश ने सभी को सेवा और दया की भावना से अभिभूत कर दिया।   समारोह में रायपुर के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों कबीरपंथी जन शामिल हुए, जिन्होंने इस पवित्र अवसर का लाभ उठाया। आयोजन समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार साहू जी और सचिव हीरा साहू जी ने इस कार्यक्रम की सफलता की जानकारी दी।  
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