नई दिल्ली।
अहमदाबाद में हाल ही में हुए विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी होने के बाद भी कई सवाल अनसुलझे हैं। इस रिपोर्ट पर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष चरणवीर सिंह रंधावा ने गंभीर संदेह व्यक्त किए हैं। उनका कहना है कि रिपोर्ट कई महत्वपूर्ण पहलुओं को स्पष्ट रूप से सामने नहीं रखती है, जिससे दुर्घटना के कारणों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
सह-पायलट द्वारा विमान उड़ाना और कप्तानी की भूमिका पर सवाल
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष चरणवीर सिंह रंधावा ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान वास्तव में सह-पायलट द्वारा उड़ाया जा रहा था, जबकि पायलट-इन-कमांड यानी कप्तान उड़ान की निगरानी कर रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में प्रमुख निर्णय किसने लिए, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है। रंधावा ने कहा कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) से यह पहचानना आसान होता कि कौन बोल रहा था, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट इस पर स्पष्टता नहीं देती है।
ईंधन नियंत्रण स्विच की गड़बड़ी पर संदेह
रंधावा ने रिपोर्ट में उल्लेखित ईंधन नियंत्रण स्विचों की असामान्य गतिविधि पर भी संदेह जताया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में यह दर्ज है कि ईंधन नियंत्रण स्विचों ने ‘कटऑफ’ से ‘रन’ तक अपनी स्थिति खुद ही बदल ली। रंधावा ने इसे एक गंभीर गड़बड़ी का संकेत बताते हुए कहा कि इससे विद्युत या सॉफ्टवेयर में खराबी की आशंका पैदा होती है। उनका मानना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि सिस्टम ने स्विच की स्थिति में बदलाव को महसूस किया, जबकि वास्तव में किसी ने उन्हें छुआ तक नहीं था।
बोइंग की पुरानी एडवाइजरी का जिक्र
इस संदर्भ में चरणवीर सिंह रंधावा ने दिसंबर 2018 में बोइंग द्वारा जारी की गई एक एडवाइजरी का भी हवाला दिया। यह एडवाइजरी कुछ 737 विमानों में ईंधन नियंत्रण स्विच की इसी तरह की खराबी से संबंधित थी। उन्होंने कहा कि यदि यह जानकारी पहले उपलब्ध होती, तो सभी विमानों की जांच होनी चाहिए थी और इस सर्कुलर को केवल एडवाइजरी के बजाय एक निर्देश के तौर पर जारी किया जाना चाहिए था।
पायलटों द्वारा स्विच हिलाने की संभावना पर संदेह
रंधावा ने इस बात पर भी संदेह जताया कि पायलटों ने ईंधन नियंत्रण स्विच को तब तक हिलाया होगा जब तक कि दोनों इंजन फेल न हो गए हों, जिसकी रिपोर्ट पुष्टि नहीं करती। उन्होंने कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के हवाले से कहा कि पायलटों ने स्विच नहीं हिलाए, जिससे विमान के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में संभावित समस्या की ओर इशारा मिलता है।
प्रारंभिक रिपोर्ट में क्लीन चिट पर हैरानी
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष ने हैरानी जताई कि प्रारंभिक रिपोर्ट में इंजन या बोइंग के सिस्टम में किसी भी गड़बड़ी से इनकार करते हुए क्लीन चिट दे दी गई है। उन्होंने कहा कि कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं और यह समझने के लिए एक उचित और विस्तृत जांच की आवश्यकता है कि उड़ान भरने के बाद विमान के साथ वास्तव में क्या हुआ था।
उड़ान के आंकड़ों में असामान्य गतिविधियां
रंधावा ने उड़ान के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि विमान 08:08 बजे दो सेकंड के लिए 180 नॉट की गति तक पहुंच गया था। दस सेकंड बाद, 08:08:52 पर, ईंधन नियंत्रण स्विच या तो मैन्युअल रूप से रीसेट हो गए थे या सिस्टम ने बिना किसी भौतिक इनपुट के बदलाव महसूस किया। इसके अतिरिक्त, यह भी स्पष्ट है कि लैंडिंग गियर वापस नहीं लिया गया था, और फ्लैप टेकऑफ़ की स्थिति में ही रहे। उन्होंने इन असामान्य गतिविधियों को किसी खराबी का संकेत बताया।
जांच के अगले चरण से उम्मीदें
चरणवीर सिंह रंधावा ने उम्मीद जताई कि जांच के अगले चरण में इन सभी सवालों के स्पष्ट जवाब मिल जाएंगे। उन्होंने यह भी जोर दिया कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के ट्रांसक्रिप्ट से यह पता चलना जरूरी है कि कॉकपिट में कौन आदेश दे रहा था।









