3 अक्टूबर 2026 |
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छान्दनपुर शाला प्रवेश उत्सव: तिलक, वर्दी, पुस्तक और मां-बच्चे की सेल्फी के साथ शिक्षा की नई शुरुआत

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OM Darpan

Jul 01, 2025 04:24 am 320 views
छान्दनपुर शाला प्रवेश उत्सव: तिलक, वर्दी, पुस्तक और मां-बच्चे की सेल्फी के साथ शिक्षा की नई शुरुआत

छान्दनपुर (सत्यानंद सोई)।

छत्तीसगढ़ के प्राथमिक शाला छान्दनपुर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष 2025-26 में भी शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में बालवाड़ी से लेकर कक्षा पहली से पांचवी तक के सभी छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम पंचायत छान्दनपुर की सरपंच वनिता भोई के पारंपरिक स्वागत से हुई। बच्चों ने सरपंच का तिलक लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। इसके साथ ही समस्त पालकों का भी बच्चों द्वारा तिलक लगाकर स्वागत किया गया।

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सरस्वती पूजन के साथ शिक्षा का आरंभ

शाला की प्रधान पाठक नमिता मिश्रा एवं सरपंच वनिता भोई द्वारा मां सरस्वती की पूजा-अर्चना व वंदन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत तिलक के साथ किया गया और उन्हें कॉपी, पुस्तक, पेंसिल और गणवेश प्रदान कर स्कूल आने के लिए प्रेरित किया गया।


मां-बच्चों के साथ सेल्फी बनी खास याद

इस प्रवेश उत्सव की एक खास पहल रही – नवप्रवेशी बच्चों की उनकी माताओं के साथ सेल्फी। इन भावुक क्षणों ने स्कूल को घर जैसा महसूस कराया और बच्चों के मन में पढ़ाई के प्रति उत्साह जगाया।


पोस्टर प्रदर्शन से शिक्षा के प्रति जागरूकता

बच्चों द्वारा बनाए गए पोस्टरों के माध्यम से शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इन रचनात्मक प्रस्तुतियों ने सभी उपस्थितों को गहराई से प्रभावित किया।


खीर और बूंदी ने बढ़ाया उत्सव का स्वाद

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और उनके पालकों को खीर और बूंदी वितरित की गई। पूरे कार्यक्रम में उत्साह, उल्लास और शिक्षा के प्रति सकारात्मक भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

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