राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर: AAP ने राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
OM Darpan
Aug 02, 2025 12:09 am
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02 Aug 2025
रायपुर।
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। पार्टी ने कहा कि प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में 642 पद रिक्त होने के बावजूद सरकार ने केवल 125 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है, जो स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति उसकी उदासीनता को दर्शाता है।
मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 10 मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के कुल 642 पद खाली पड़े हैं। इनमें प्रोफेसर के 111, एसोसिएट प्रोफेसर के 194 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 337 पद शामिल हैं। साहू ने सवाल उठाया कि जब मेडिकल कॉलेजों में छात्रों को पढ़ाने वाले प्रोफेसर ही नहीं होंगे तो छात्र डॉक्टर कैसे बनेंगे? उन्होंने कहा कि कई कॉलेजों में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, फार्माकोलॉजी और बायोकेमेस्ट्री जैसे बुनियादी विषयों में भी कई पद रिक्त हैं। कुछ जगह तो संविदा शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई चल रही है, वहीं कई जगह छात्र यूट्यूब और गूगल के सहारे पढ़ रहे हैं, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिहाज से ठीक नहीं।राजधानी के बड़े अस्पतालों का हाल बेहाल
पार्टी के प्रदेश महासचिव वदूद आलम ने राजधानी रायपुर के बड़े अस्पतालों की स्थिति पर चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि मेकाहारा में लगभग 50 डॉक्टरों की पोस्ट खाली है। सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले डीकेएस सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक भी डॉक्टर नियमित नहीं है, और एमआरआई, सिटी स्कैन, सोनोग्राफी और ब्लड टेस्ट जैसी सभी सेवाएं आउटसोर्सिंग के माध्यम से दी जा रही हैं। आलम ने कहा कि जब राजधानी का यह हाल है, तो राज्य के अन्य हिस्सों में स्थिति कितनी खराब होगी। उन्होंने यह भी बताया कि अंबेडकर अस्पताल में 80 करोड़ की मशीनें खराब पड़ी हैं। विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खुद सदन में स्वीकार किया था कि मेकाहारा में लगभग 50 मशीनें खराब या आउटडेटेड हो गई हैं। आप नेता ने सवाल किया कि सरकार को 19 महीने हो गए, फिर भी नई मशीनों की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? इस लापरवाही के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा लेने की मांग की।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएँ बदहाल
आप के जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। कई सरकारी अस्पतालों में स्थायी डॉक्टर नहीं हैं, आवश्यक दवाएं और जीवनरक्षक औषधियां समय पर उपलब्ध नहीं होतीं। अस्पतालों की इमारतें जर्जर हैं और साफ-सफाई की व्यवस्था अत्यंत खराब है। आपातकालीन सेवाओं के लिए एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, और जाँच उपकरण जैसे एक्स-रे, ईसीजी, लैब टेस्ट की सुविधाएं अधिकतर जगहों पर उपलब्ध नहीं हैं।AAP की सरकार से सीधी मांग
आम आदमी पार्टी ने सरकार से मांग की है कि राज्य के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में खाली पड़े सभी 642 पदों पर तत्काल भर्ती की जाए। स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति हो, सभी आवश्यक दवाएं और उपकरण सुनिश्चित किए जाएं। अस्पतालों की मरम्मत और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त हो, तथा जिलों और ब्लॉकों में पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाएं। पार्टी ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने और लापरवाही पर कठोर कार्रवाई करने की भी मांग की, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
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