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शराब कोचिए की मां ने पत्रकार को दी गाली और जान से मारने की धमकी

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OM Darpan

Jul 17, 2025 12:17 am 768 views
शराब कोचिए की मां ने पत्रकार को दी गाली और जान से मारने की धमकी

 
  • सारागांव में नशा मुक्ति रैली की खबर छापने पर हुआ विवाद

सारागांव (सत्यानंद सोई)। अवैध शराब और गांजे की बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने वाले सारागांव के एक पत्रकार को एक महिला द्वारा गालीगलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार नीलकंठ सिन्हा ने इस संबंध में खरोरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, सारागांव में अवैध शराब और गांजे की बिक्री लंबे समय से जारी है। इसी को लेकर बीते 14 जुलाई को स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने एकजुट होकर नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली थी। इस रैली में शामिल लोगों ने अवैध शराब और गांजा बेचने वालों के घरों पर जाकर उन्हें समझाने का प्रयास किया था और एक गांजा विक्रेता को पुलिस के हवाले भी किया था। इस घटना की खबर विभिन्न समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी। खबर छपने के बाद गांव के ही एक अन्य शराब कोचिए की मां आपा खो बैठीं। उन्होंने पत्रकार नीलकंठ सिन्हा के सेंटर पर पहुंचकर उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गालीगलौज किया और उन्हें जान से मारने की धमकी तक दे डाली। महिला ने पत्रकार के परिवार वालों को भी भला-बुरा कहा। पीड़ित पत्रकार नीलकंठ सिन्हा ने बताया कि गांव को नशा मुक्त करने के उद्देश्य से महिलाओं समेत ग्रामीणों ने रैली निकालकर नशा मुक्ति का संकल्प लिया था और लोगों को जागरूक किया था। इसी खबर के प्रकाशन से नाराज होकर शराब कोचिए की मां ने उन्हें धमकी दी। सिन्हा ने यह भी बताया कि उक्त महिला ने पहले भी समाचार को लेकर उनसे गालीगलौज की थी। इस घटना के बाद स्थानीय पत्रकारों में गहरा रोष व्याप्त है और उन्होंने पुलिस से इस मामले में ठोस कार्रवाई की मांग की है।
सरपंच व अन्य जनप्रतिनिधियों ने की घटना की निंदा गांव के सरपंच धन्ना धीवर ने इस घटना को ओछी मानसिकता का परिचायक बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है और कार्रवाई की मांग की है। जनपद सदस्य मनहरण साहू ने कहा कि जागरूकता रैली जैसी सामान्य बात पर पत्रकार को गाली देना निंदनीय है, क्योंकि पत्रकार ही गांव की समस्याओं को उठाते हैं। उपसरपंच राजेंद्र यदु ने भी घटना की निंदा करते हुए पत्रकार सुरक्षा अधिनियम बनाने की आवश्यकता जताई और इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थानीय पत्रकार केशव पाल ने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवाज को दबाने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि एक सच्चा पत्रकार किसी भी धमकी से डरने वाला नहीं है। क्षेत्र के अन्य पत्रकारों ने भी इसे मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला करार देते हुए पुलिस प्रशासन से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
 
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