17 सितम्बर 2026 |
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रायपुर: 'ईगो हर्ट' हुआ तो दे दी थी धमकी: लॉरेंस बिश्नोई का बचपन का दोस्त 'मयंक सिंह' 27 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर; अजरबैजान से लाया गया था भारत

OM Darpan

Dec 25, 2025 01:01 am 1,337 views
रायपुर: 'ईगो हर्ट' हुआ तो दे दी थी धमकी: लॉरेंस बिश्नोई का बचपन का दोस्त 'मयंक सिंह' 27 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर; अजरबैजान से लाया गया था भारत

रायपुर | 

झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर और अंतरराष्ट्रीय अपराध जगत में अपनी पैठ बना चुके मयंक सिंह को आज कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने पुलिस की दलीलें सुनने के बाद उसे 27 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। छत्तीसगढ़ पुलिस उसे झारखंड से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रायपुर पहुंची है।

अजरबैजान से इंटरपोल की मदद से भारत लाए गए मयंक सिंह से अब रायपुर पुलिस अगले चार दिनों तक कड़ाई से पूछताछ करेगी। पुलिस सूत्रों का दावा है कि इस दौरान रायपुर में हुए गोलीकांड, रंगदारी नेटवर्क और लॉरेंस बिश्नोई व अमन साव गैंग से उसके कनेक्शन को लेकर कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

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कोयला कारोबारी और PRA ग्रुप पर फायरिंग का मास्टरमाइंड

पुलिस रिमांड का मुख्य आधार जुलाई 2024 में रायपुर में हुई एक सनसनीखेज वारदात है। शहर के प्रतिष्ठित कोयला और कंस्ट्रक्शन कारोबारी प्रहलाद राय और 'PRA ग्रुप' के संचालक के कार्यालय पर दिनदहाड़े फायरिंग की गई थी।

  • सीसीटीवी में कैद हुई थी दहशत: इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हुआ था, जिसमें बाइक सवार आरोपी कार्यालय पर दो राउंड फायरिंग करते दिखे थे। एक गोली हवा में चलाई गई, जबकि दूसरी कारोबारी की कार पर दागकर दहशत फैलाई गई थी।

  • मुख्य साजिशकर्ता: पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड मयंक सिंह ही था। कोर्ट ने उसके खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया था, जिसके बाद उसे रायपुर लाया गया है।

'रंगदारी नहीं मांगी, ईगो हर्ट हुआ है' - वो धमकी भरा ईमेल

मयंक सिंह का दुस्साहस 16 जून 2024 को तब सामने आया, जब छत्तीसगढ़ और झारखंड के कारोबारियों को निशाना बनाने आए शूटरों की गिरफ्तारी के बाद उसने मीडिया को एक ईमेल भेजा।

मयंक ने अपने ईमेल में लिखा था कि उसने कोई रंगदारी नहीं मांगी है, लेकिन पुलिस कार्रवाई से उसका 'ईगो हर्ट' (Ego Hurt) हुआ है। उसने साफ तौर पर कारोबारियों और उनके परिवारों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी। इस मेल के बाद रायपुर एसएसपी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया था। अब पुलिस उस ईमेल और उसके डिजिटल नेटवर्क की भी पड़ताल करेगी।

लॉरेंस बिश्नोई का बचपन का दोस्त, अमन साव का करीबी

मयंक सिंह कोई साधारण अपराधी नहीं है। उसका नाम देश के सबसे चर्चित गैंग्स के साथ जुड़ा हुआ है:

  1. अमन साव: मयंक को झारखंड के गैंगस्टर अमन साव का बेहद करीबी माना जाता है।

  2. लॉरेंस बिश्नोई: पुलिस फाइलों और चर्चाओं के मुताबिक, मयंक सिंह कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का बचपन का दोस्त है।

माना जा रहा है कि वह विदेश में रहकर इन दोनों गैंग्स के लिए काम करता था और वहीं से आपराधिक गतिविधियां संचालित करता था।

अजरबैजान से प्रत्यर्पण और 45 संगीन मामले

मयंक सिंह के अपराध का ग्राफ बेहद लंबा है। हाल ही में उसे इंटरपोल की मदद से अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर (Extradite) भारत लाया गया था। यह झारखंड के इतिहास में पहला मामला है जब किसी गैंगस्टर को विदेश से इस तरह लाया गया हो। रांची एयरपोर्ट से उसे बख्तरबंद गाड़ी में जेल ले जाया गया था।

मयंक सिंह की क्राइम कुंडली:

  • कुल मामले: हत्या, रंगदारी, फायरिंग और आपराधिक साजिश के 45 से अधिक मामले दर्ज।

  • टारगेट: बड़े उद्योगपति, कोयला कारोबारी और नेता।

  • राजनीतिक कनेक्शन: राजस्थान के एक कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री से रंगदारी मांगने का आरोप भी मयंक पर लग चुका है।

फिलहाल, रायपुर पुलिस के पास 27 दिसंबर तक का समय है, जिसमें मयंक सिंह के 'इंटरनेशनल सिंडिकेट' की परतों को खोलने की कोशिश की जाएगी।

 
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