14 सितम्बर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

रसायन मुक्त खेती: 100 देशी धान किस्मों को सहेजने वाले सुरेश नाग 'भुइयां के भगवान' सम्मान से अलंकृत

OM Darpan

Feb 10, 2026 08:33 am 313 views
रसायन मुक्त खेती: 100 देशी धान किस्मों को सहेजने वाले सुरेश नाग 'भुइयां के भगवान' सम्मान से अलंकृत

दंतेवाड़ा/रायपुर:

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों के बीच प्राकृतिक खेती की नई राह दिखाने वाले दंतेवाड़ा जिले के ग्राम कासौली (विकासखंड दंतेवाड़ा) के प्रगतिशील किसान सुरेश कुमार नाग को प्रतिष्ठित ‘भुइयां के भगवान’ सम्मान से नवाजा गया है। आईबीसी 24 द्वारा 06 फरवरी 2026 को आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उन्हें प्रशस्ति पत्र और सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया। सुरेश नाग की यह उपलब्धि पूरे दंतेवाड़ा जिले के अन्नदाताओं के लिए गर्व का विषय बन गई है।

जहर मुक्त खेती: खेतों में रसायनों का उपयोग पूर्णतः बंद

सुरेश कुमार नाग लंबे समय से जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने रासायनिक खेती के गंभीर परिणामों को समझते हुए अपने खेतों में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके स्थान पर वे जीवामृत, घन-जीवामृत, नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक उपायों का प्रयोग कर रहे हैं। उनके खेतों में मिले सकारात्मक परिणामों को देखकर आसपास के कई अन्य किसान भी अब प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित हुए हैं।

100 से अधिक धान किस्मों का संरक्षण

श्री नाग केवल खेती ही नहीं कर रहे, बल्कि विरासत को भी सहेज रहे हैं। वे 100 से अधिक परंपरागत धान की किस्मों के संरक्षण का कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने 'श्री विधि' से रागी और कोसरा की खेती जैसे नवाचार अपनाकर जिले में कृषि को नई दिशा दी है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों को सुरेश नाग जैसे किसानों ने ही धरातल पर सफल बनाया है।

समाज के लिए प्रेरणा स्रोत: अरुण साव

सम्मान समारोह में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सुरेश कुमार नाग जैसे किसान समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। वे खेती के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

वहीं, सम्मान प्राप्त करने के बाद सुरेश नाग ने विनम्रता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार उन सभी किसानों को समर्पित है, जो प्राकृतिक खेती अपनाकर धरती और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इस सम्मान को दंतेवाड़ा में जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे युवाओं में खेती के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी।

Tags

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
260914155619124

विज्ञापन

Advertisement