16 सितम्बर 2026 |
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युवाओं को प्यार-मोहब्बत के चक्कर से बचने की चेतावनी, महिला आयोग ने की सख्त कार्रवाई

OM Darpan

Sep 26, 2024 06:04 am 232 views
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सुनवाई छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सुनवाई   रायपुर (सत्यानंद सोई)। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की सुनवाई की। रायपुर में आयोजित इस 283वीं सुनवाई के दौरान आयोग ने गंभीर प्रकरणों पर फैसला सुनाया और संबंधित पक्षों को आवश्यक निर्देश दिए। डॉ. किरणमयी नायक ने सुनवाई के दौरान युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा, "पढ़ाई की उम्र में युवक-युवतियों को प्यार-मोहब्बत के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। यदि एक बार किसी प्रकरण में नामजद हो जाते हैं, तो सरकारी नौकरी में चयन होने के बाद भी वे सेवा से वंचित रह सकते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि पुलिस और कोर्ट के मामलों में फंसने पर युवाओं के भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए वे इस उम्र में अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें।
  • धोखे से जमीन की रजिस्ट्री: एक प्रकरण में, अनावेदक पर मानसिक रूप से बीमार महिला की जमीन धोखे से रजिस्ट्री कराने का आरोप लगा। आयोग ने इस मामले में गौरेला पेण्ड्रा मरवाही के थाना प्रभारी को अनावेदक को लाने का निर्देश दिया था, लेकिन थाना प्रभारी इसमें असफल रहे। इस पर आयोग ने एस.डी.एम. को निर्देशित किया कि वह अनावेदक और मानसिक रोगी महिला को अगली सुनवाई में प्रस्तुत करें।
  • ब्लैकमेलिंग के मामले में समझौता: एक अन्य मामले में, आवेदिका ने अनावेदक पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था। लेकिन आयोग की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी सुलह कर लिया। आवेदिका ने अपने प्रकरण को वापस लेने की इच्छा व्यक्त की। आयोग ने अनावेदक को सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में वह आवेदिका से कोई संपर्क न करें, अन्यथा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
  • सगाई की चीजों का आदान-प्रदान: एक अन्य प्रकरण में, अनावेदक ने आवेदिका को 50,000 रुपये और सगाई के खर्च का भुगतान किया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को सगाई के दौरान दिए गए गहने और वस्त्र वापस कर दिए, और मामला नस्तीबद्ध कर दिया गया।
  • नर्स और मरीज़ के बीच विवाद: एक अन्य मामले में, अस्पताल में कार्यरत नर्स आवेदिका और अनावेदक के बीच विवाद हुआ, जिसमें अनावेदक ने बाहर से दवा मंगवाने की जिद की थी। आवेदिका ने इसे अस्पताल के नियमों के खिलाफ बताते हुए मना कर दिया, जिससे अनावेदक ने उसकी शिकायत कर दी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद मामले को सुलझा लिया गया और कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।

आयोग की सुनवाई में दो थाना प्रभारियों को आयोग के निर्देशों का पालन न करने पर अंतिम चेतावनी दी गई।

डॉ. किरणमयी नायक ने कहा, "महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और सभी अधिकारी सुनिश्चित करें कि निर्देशों का कड़ाई से पालन हो।"  
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