रायपुर।
रायपुर के नालंदा परिसर में छात्रों को 500 रुपये महीने की मामूली फीस में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और सकारात्मक माहौल मिल रहा है। इस परिसर में पढ़ने वाले छात्र लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं।
नालंदा परिसर का निर्माण 2018 में डॉ. रमन सिंह की सरकार द्वारा 18 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। इस परिसर का उद्देश्य कम खर्च में छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक उत्तम वातावरण मुहैया कराना था। नालंदा परिसर में कुल 50,000 किताबें उपलब्ध हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित हैं।
फीस संरचना: न्यूनतम शुल्क, उच्च गुणवत्ता की शिक्षा
इस परिसर में गरीब छात्रों से 200 रुपये की फीस ली जाती है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों से 500 रुपये मासिक शुल्क लिया जाता है। यह कम शुल्क छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का एक अवसर प्रदान करता है।
सीनियर छात्रों की सफलता से मिलता है उत्साह
एनडीटीवी से बातचीत करते हुए छात्रों ने बताया कि यहां के माहौल में पढ़ाई करना बहुत अच्छा लगता है। हर साल सीनियर छात्रों का चयन देखकर नए छात्रों में भी सफलता का विश्वास बढ़ता है।
PSC की तैयारी कर रहे ऐमन साहू ने कहा, “यहां पढ़ाई से कॉन्फिडेंस मिलता है, और सीनियर का चयन देख कर लगता है कि मेरा दिन भी आएगा। ग्रामीण इलाकों से आकर यहां पढ़ने वाले छात्रों का परिणाम भी अच्छा रहा है, जिससे उनमें सकारात्मकता बढ़ी है।”
प्राइवेट संस्थानों से बेहतर माहौल: छात्रों का अनुभव
सिविल जज की तैयारी कर रहे सनत कुमार साहू ने कहा, “यहां का माहौल बहुत अच्छा है। मेरे भाई ने यहां पढ़कर तीन एग्जाम क्लियर किए और आज वह रेलवे में AE हैं। उनका मोटिवेशन देखकर मैं भी यहां पढ़ाई कर रहा हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि मेरा भी चयन जल्द होगा।”
**कोर्ट में प्रैक्टिस करने के बाद समय निकालकर नालंदा परिसर में पढ़ाई करने वाली अर्शी शर्मा ने कहा, “यहां का अध्ययन वातावरण बहुत अच्छा है। 24X7 पढ़ने का माहौल मिलता है। यहां क्लासमेट से डिस्कशन भी होता है, जिससे परीक्षा की पूरी जानकारी मिल जाती है। यह माहौल प्राइवेट संस्थानों से कहीं बेहतर है।”










