
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
छत्तीसगढ़ में आगामी 2025 के लिए राजपूत क्षत्रिय महासभा 1282 का त्रिवार्षिक पदाधिकारी चुनाव अब बहुत करीब है। समाज के विभिन्न उपसमितियों में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है, और चुनावी तारीखों की घोषणा भी हो चुकी है। इस बार चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कुल 37 उपसमितियाँ शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण चुनाव में महासभा के केंद्रीय पदाधिकारियों सहित उपसमितियों के पदाधिकारियों का चयन होगा, जो समाज के भविष्य के फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

चरण 1: 16 मार्च से चुनाव की शुरुआत
राजपूत क्षत्रिय महासभा के त्रिवार्षिक चुनाव की शुरुआत 16 मार्च 2025 को पहले चरण के नामांकन से होगी। पहले चरण में 19 उपसमितियाँ शामिल हैं, जिनमें बिलासपुर, अरपांचल, भाटापारा, पंडरिया, रायपुर उत्तर, रायपुर, राजिम, धमतरी, जगदलपुर, बेमेतरा, साजा, मारो, भिलाई, मर्रा, परपोड़ी, खैरागढ़, डोगरगढ़, बालोद और छुईखदान जैसे क्षेत्रों के मतदाता अपना वोट डालेंगे।
नामांकन की प्रक्रिया 2 मार्च को सुबह 9:00 से दोपहर 3:00 बजे तक चलेगी। इसके बाद, 9 मार्च 2025 को रविवार के दिन सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक चुनाव का आयोजन किया जाएगा। इस चरण में प्रत्येक उपसमिति के लिए एक-एक पदाधिकारी का चयन किया जाएगा, जिसमें अध्यक्ष, महिला मंडल अध्यक्ष, युवा अध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्य शामिल होंगे।
चरण 2: 23 मार्च को दूसरे चरण का चुनाव
दूसरे चरण में चुनाव 23 मार्च 2025 को संपन्न होंगे, जिसमें 18 उपसमितियाँ शामिल हैं। इस चरण में तखतपुर, कोटा, कोरबा, मुंगेली, रायपुर दक्षिण, कांकेर, तानवट नयापारा, मंदरौद, थान खम्हरिया, कवर्धा, नवागढ़, दुर्ग, दुर्ग उत्तर, बेरला, राजनांदगांव, धमधा, डोंगरगांव और गंडई जैसे क्षेत्रों में चुनाव होंगे।
नामांकन की प्रक्रिया 16 मार्च को सुबह 9:00 बजे से 3:00 बजे तक होगी। उसी दिन नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आबंटन भी किया जाएगा। इस चरण का चुनाव भी रविवार को सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक संपन्न होगा।
चुनाव प्रक्रिया और समाज की सक्रिय भागीदारी
चुनाव के संबंध में राजपूत क्षत्रिय महासभा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एक अहम बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि इस चुनाव में समाज के प्रत्येक सदस्य को भाग लेने का अधिकार है। उन्होंने सभी समाज के सदस्यों से अपील की है कि वे निष्पक्ष रूप से मतदान करें और समाज के विकास में सक्रिय रूप से भाग लें। इसके अलावा, उन्होंने सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र प्रदान करने की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया है।
“समाज के प्रत्येक सदस्य का मत महत्वपूर्ण है। हम सबको निष्पक्ष रूप से बगैर किसी भेदभाव के इस चुनाव में भाग लेना है, ताकि हम समाज के भविष्य को सही दिशा में अग्रसर कर सकें,” निर्वाचन अधिकारी ने कहा।
उपसमितियों में हो रही खींचतान
चुनाव की तारीखों के नजदीक आते ही कुछ उपसमितियों में हलचल तेज हो गई है। कुछ क्षेत्रों में पैनल पहले से ही तैयार हैं, और प्रचार-प्रसार का काम जोरों पर चल रहा है। कई उपसमितियाँ तो ऐसे प्रचार-प्रसार में लगी हुई हैं जो सालभर पहले से ही शुरू हो गया था। वहीं दूसरी ओर, कुछ उपसमितियों में पदाधिकारियों के चुनाव को लेकर खींचतान और रस्साकसी की भी खबरें सामने आ रही हैं।
कुछ उपसमितियाँ जहां पैनल पहले से तैयार हैं, वहीं कुछ अन्य में उम्मीदवारों के बीच निर्विरोध चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। इन उपसमितियों में चुनावी माहौल को लेकर विवाद और खींचतान भी बढ़ गई है, जिससे समाज के भीतर चुनावी तनाव बढ़ने की संभावना बन रही है।
महासभा के केंद्रीय पदाधिकारी चुनाव
चुनाव के दूसरे चरण के बाद, 12 और 13 अप्रैल 2025 को महासभा के केंद्रीय पदाधिकारियों का चुनाव संपन्न होगा। इसमें केंद्रीय अध्यक्ष, महिला मंडल अध्यक्ष, युवा अध्यक्ष और अन्य केंद्रीय पदाधिकारी समाज के सक्रिय सदस्यों द्वारा चुने जाएंगे।
महासभा के केंद्रीय पदाधिकारी चुनाव के लिए लगभग 3000 से अधिक सक्रिय सदस्य वोट देंगे। यह चुनाव महासभा के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये पदाधिकारी समाज की न्याय सुरक्षा और व्यवस्थाओं के संचालन में अहम भूमिका निभाएंगे।
यह चुनाव राजपूत समाज के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें समाज के भविष्य की दिशा तय की जाएगी। इस चुनाव में समाज के सक्रिय सदस्य अपनी भूमिका को महसूस करेंगे, और यह चुनाव समाज में न केवल नेतृत्व बल्कि सामूहिक प्रयासों की ताकत को भी उजागर करेगा।
कुछ क्षेत्रों में जहां पहले से पैनल तैयार हो चुके हैं, वहां प्रचार-प्रसार की जोरदार दौड़ चल रही है। समाज के कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा का विषय बन चुका है कि कौन से उम्मीदवार समाज के लिए सही दिशा में काम करेंगे।
राजपूत क्षत्रिय महासभा के त्रिवार्षिक चुनाव में अब केवल कुछ ही समय बाकी है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान समाज के प्रत्येक सदस्य से यह अपील की जाती है कि वे निष्पक्ष रूप से मतदान करें और एक स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। यह चुनाव समाज के विकास की दिशा तय करेगा, और यह देखना अब दिलचस्प होगा कि किस पैनल का दबदबा रहेगा और कौन समाज की जिम्मेदारी संभालेगा।






