न्यूयॉर्क।
आध्यात्मिक नेता मोरारी बापू न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पहली बार रामकथा करेंगे। रामचरितमानस की प्रासंगिकता का प्रसार करते हुए मोरारी बापू ने कहा कि रामचरितमानस धार्मिक एवं सांस्कृतिक सीमाओं से परे एक वैश्विक संदेश देता है। उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, “यह सत्य, प्रेम और करुणा जैसे सार्वभौमिक मूल्यों की बात करता है जिनकी आज की दुनिया में जरूरत है।”
वैश्विक सद्भाव की दिशा में कदम
नौ दिवसीय पाठ की शुरुआत की पूर्व संध्या पर मोरारी बापू ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र में रामकथा का आयोजन एक दैवीय कृपा है और यह वैश्विक सद्भाव की दिशा में एक कदम है।” यह पहली बार है जब न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में रामकथा का आयोजन होगा। 77 वर्षीय मोरारी बापू ने इस आयोजन को “सपना सच होने जैसा” बताया।
विश्वभर में रामकथा का प्रसार
मोरारी बापू अब तक श्रीलंका, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, केन्या, ब्रिटेन, अमेरिका, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, इज़राइल और जापान सहित दुनिया भर के कई शहरों तथा तीर्थ स्थलों पर रामकथा कर चुके हैं। उन्होंने कहा, “हम सभी को दुनिया में शांति, प्रेम और सच्चाई के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है, खासकर इस प्रिय धरती पर, जिसे हम ‘वसुधैव कुटुंबकम’ कहते हैं। यहां रामकथा के माध्यम से हम परम शांति और कल्याण के लिए प्रार्थना करेंगे।”









