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नमाज के बाद किया विस्फोट — दिल्ली पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि लाल किले के पास धमाका करने वाला उमर नबी, अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था। धमाके से पहले वह करीब तीन घंटे तक रामलीला मैदान के पास असफ अली रोड स्थित एक मस्जिद में रुका रहा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वह वहां नमाज अदा करने गया था और फिर वहां से निकलकर लाल किले की ओर गया।
सुनहरी मस्जिद पार्किंग में घंटों रुका रहा
धमाके से पहले उमर ने अपनी ह्यूंडई i20 कार को दोपहर करीब 3:19 बजे सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में खड़ा किया था। जांच टीम को संदेह है कि वह इस दौरान लगातार अपने साथियों की गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी ट्रैक कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, उसने अपने हैंडलर्स से संपर्क करने के लिए ‘सिग्नल’ ऐप या एक विशेष फोन का इस्तेमाल किया हो सकता है।
FSL की टीम ने जुटाए 40 से ज्यादा सैंपल
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने धमाके की जगह से 40 से ज्यादा नमूने एकत्र किए हैं। इनमें कार के टुकड़े, धातु के अवशेष और शरीर के हिस्से शामिल हैं। विशेषज्ञों की एक विशेष टीम विस्फोट में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक की प्रकृति की जांच कर रही है।
CCTV फुटेज से मिल सकते हैं अहम सुराग
दिल्ली पुलिस अब मस्जिद और आसपास के क्षेत्रों के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उमर के साथ कोई और व्यक्ति था या नहीं। जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश में हैं कि इस धमाके की साजिश में किसी और ने मदद की थी या नहीं।
एक और कार पर अलर्ट, UAPA के तहत केस दर्ज
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी गिरोह के पास एक लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार भी थी। पुलिस ने दिल्ली के सभी थानों और बॉर्डर चेकपोस्ट पर अलर्ट जारी कर दिया है ताकि उस कार का पता लगाया जा सके।
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां निवारण अधिनियम) के तहत केस दर्ज किया है। पहले माना जा रहा था कि कार में तीन लोग थे, लेकिन जांच में साफ हुआ है कि विस्फोट के वक्त कार में सिर्फ उमर नबी ही मौजूद था।









