उतई, दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
दुर्ग ग्रामीण विधानसभा अंतर्गत उतई के रेस्ट हाउस में आयोजित मंडल स्तरीय सदस्यता अभियान की समीक्षा बैठक में दुर्ग ग्रामीण राज्य ग्रामीण अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में चल रहे सदस्यता अभियान की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। सभी कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में नए सदस्यों को जोड़ने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से दुर्ग जिला प्रभारी राजीव अग्रवाल, दुर्ग भाजपा जिला अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र पाध्याय, जिला उपाध्यक्ष दिलीप साहू, जिला मंत्री रोहित साहू, उतई मंडल अध्यक्ष फत्ते लाल वर्मा, महामंत्री सोनू राजपूत, युवा मोर्चा अध्यक्ष प्रवीण यदु, चंदू देवांगन, रूपेश पारख, हुब लाल चंद्राकार, लक्ष्मी नारायण साहू, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष शुभम वर्मा, नीलम गड़े, नरेंद्र साहू, पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष चंद्रशेखर बंजारे, पूर्व अध्यक्ष भाजपा दुर्ग ग्रामीण गिरीश शर्मा, सतीश चंद्राकर, दानेश्वरी देशमुख, कुमारी ममता चंद्राकर, डीलेश कुमार साहू, सीतल दुर्गा प्रसाद, संध्या सुनीता वर्मा, लता सोनवानी, संगीता रजक, शीतल ठाकुर, राकेश सेन, रंजना चंद्राकर, चित्ररेखा गौतम, बृजमोहन वामन, कुमार साहू, रूपनारायण शर्मा, घनश्याम चंद्राकर, हरीश कुमार यादव, ओ. पी. चंद्राकर, आशीष कुमार साहू, भीमसेन सिन्हा, तुलाराम साहू, करण सेन, देवेंद्र भारती, महेश कुमार, राधेश्याम चंद्राकर, हीरालाल साहू, फकीरचंद साहू, कमलेश साहू, केश्वर साहू, टिकेश्वर, शुभम सोनी, योगेश साहू, तेजराम साहू, भूपेंद्र साहू, वैभव देवांगन एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा, “हम सभी एक ऐसी पार्टी के सदस्य हैं जो राष्ट्रवादी विचारधारा को मानते हैं। हमारी प्राथमिकता अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के बारे में सोचने की है। 2 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को सदस्यता ग्रहण कराई, जिसके बाद से पूरे देश में सदस्यता अभियान शुरू किया गया है। हमें मिलकर इस लक्ष्य को पूरा करना है।”
उन्होंने आगे कहा, “मोदी सरकार का मूल सिद्धांत ‘सबका साथ-सबका विकास’ है, और संगठन का मूल ‘सर्वस्पर्शी और सर्वव्यापी भाजपा’ है। इसलिए, इस विशेष सदस्यता अभियान को सभी बूथों तक ले जाना अत्यंत आवश्यक है।”










