• जिला खनिज न्यास (PMKKKY) नियमों में संशोधन, 70% राशि जनहित पर होगी खर्च
• रेत खनन और बिक्री के लिए नए नियम 2025 लागू, अवैध उत्खनन पर लगेगी रोक ।
• कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण में बदलाव, अनियमितताओं पर लगेगी लगाम।
• नवा रायपुर में अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी के लिए भूमि आवंटित
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर प्रदेश की जनता और विकास पर पड़ेगा। इन फैसलों से खनन, कृषि भूमि के मूल्यांकन और खेल के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
खनन से जुड़ी राशि का सदुपयोग
कैबिनेट ने भारत सरकार के खान मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY)-2024 के संशोधित गाइडलाइंस के अनुसार छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी है। इस बदलाव से न्यास के पास उपलब्ध राशि का कम से कम 70 प्रतिशत हिस्सा उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर खर्च किया जाएगा। इसमें पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं निःशक्तजन कल्याण, कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता, आवास और पशुपालन जैसे अहम क्षेत्रों का समग्र विकास शामिल है। यह फैसला खनन प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक होगा।
अवैध रेत खनन पर लगाम, मिलेगी सस्ती रेत
प्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2019 और छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत उत्खनन एवं व्यवसाय (अनुसूचित क्षेत्र हेतु) नियम 2023 को रद्द करते हुए नए नियम ‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम-2025’ का अनुमोदन किया है। इन नए नियमों से रेत के अवैध कारोबार पर सख्ती से रोक लगेगी और आम जनता को उचित दरों पर रेत उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही, रेत उत्खनन में पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रस्तावित नियमों में रेत खदानों का आवंटन इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
कृषि भूमि के मूल्यांकन में बड़ा बदलाव
कृषि भूमि के बाजार मूल्य दरों के निर्धारण के संबंध में भी कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वाणिज्य कर पंजीयन विभाग से प्राप्त इस प्रस्ताव के तहत, ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्ड की दर को समाप्त कर दिया गया है। अब सम्पूर्ण रकबा की गणना हेक्टेयर दर से की जाएगी। यह व्यवस्था भारतमाला परियोजना और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में सामने आई अनियमितताओं से बचने में मददगार होगी। इसी तरह, ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने का प्रावधान भी विलोपित कर दिया गया है। शहरी सीमा से लगे ग्रामों की भूमियों और निवेश क्षेत्र की भूमियों के लिए वर्गमीटर में दरों का निर्धारण किया जाएगा, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में और अधिक स्पष्टता आएगी।
नवा रायपुर में बनेगी विश्व स्तरीय क्रिकेट अकादमी
छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) के लिए एक बड़ी खबर है। मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में क्रिकेट अकादमी की स्थापना के लिए 7.96 एकड़ भूमि आबंटित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। नवा रायपुर में अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी की स्थापना से राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वे अपने कौशल और प्रतिभा को निखार सकेंगे। छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिकेट के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता अर्जित की है। इस अकादमी से न केवल राज्य के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष पहचान भी मिलेगी।









