

सरपंच प्रशांत गौतम का अनूठा प्रयास, खुद रिक्शा चलाकर ग्रामीणों को किया जागरूक
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
जेवरा ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत दुर्ग को ओडीएफ प्लस मॉडल श्रेणी प्राप्त होने के बाद, इस श्रेणी का स्थायित्व बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सरपंच प्रशांत गौतम ने इस अभियान के तहत अनूठी पहल की। उन्होंने स्वयं रिक्शा चलाकर गांव के घर-घर जाकर ग्रामीणों को गीले और सूखे कचरे के सुरक्षित प्रबंधन के प्रति जागरूक किया। सरपंच ने साउंड माइक और गीतों के माध्यम से ग्रामीणों को प्रेरित किया और रैली का नेतृत्व किया।
इस रैली में तकनीकी सहायक तुकेश ने भी सहभागिता निभाई, उन्होंने रिक्शा चलाकर ग्रामीणों को सूखा कचरा स्वसहायता समूह की महिलाओं को देने के लिए प्रेरित किया। ओम नमः शिवाय स्वसहायता समूह की चार महिलाओं द्वारा प्रतिदिन घर-घर जाकर कचरा एकत्र किया जा रहा है। इन महिलाओं को 5000 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है।
ग्राम पंचायत जेवरा, दुर्ग जिले का पहला ऐसा गांव बन गया है जहां ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अश्वनी देवांगन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग ने बताया कि कलेक्टर दुर्ग के मार्गदर्शन में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे, जिससे ओडीएफ मॉडल के स्थायित्व को बनाए रखने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया जा सके।
इस अभियान में ग्राम पंचायत के पंच, रोजगार सहायक, स्वच्छताग्राही समूह और ग्रामीणजन ने सक्रिय भागीदारी निभाई। जागरूकता रैली में सभी ने अपने-अपने स्तर पर योगदान दिया और स्वच्छता के संदेश को घर-घर पहुंचाया।










