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अवैध संबंधों के प्रकरण में शिक्षक-शिक्षिका पर सख्त कार्रवाई

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अवैध संबंधों का प्रकरण, शासकीय शिक्षिका और शिक्षक, महिला उत्पीड़न

 

  • शिक्षक और शिक्षिका ने अवैध संबंध स्वीकारे, निलंबन की सिफारिश

रायपुर (सत्यानंद सोई)।

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज रायपुर स्थित आयोग के कार्यालय में महिला उत्पीड़न से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई की गई। इस दौरान 272वीं सुनवाई में कई अहम मामलों पर फैसला सुनाया गया। एक प्रकरण में, शासकीय शिक्षिका और शिक्षक द्वारा अवैध संबंध स्वीकारने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी को निलंबन हेतु पत्र भेजा जाएगा। इसके साथ ही, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के एसडीएम और उप पंजीयक को पुलिस अधीक्षक के माध्यम से तलब किया जाएगा।

एक मामले में, एक शासकीय विद्यालय के शिक्षक ने स्वीकार किया कि वह पिछले तीन वर्षों से अपनी पत्नी और बच्चों से अलग रह रहा है और विद्यालय में कार्यरत एक अन्य महिला के साथ अवैध संबंध में लिप्त है। इस मामले में महिला आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षक और शिक्षिका के निलंबन की सिफारिश की है। इसके साथ ही, महिला को सुधरने का मौका देते हुए दो महीने के लिए नारी निकेतन भेजने का आदेश जारी किया गया है।

एक अन्य मामले में, एक महिला के साथ हुए अश्लील संदेश के प्रकरण में महिला आयोग ने पाया कि अनावेदक ने छेड़छाड़ और आपत्तिजनक संदेश भेजा था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कार्यस्थल पर आवेदिका का लैंगिक उत्पीड़न हुआ था। आयोग ने आवेदिका को निर्देश दिया कि वह उन अन्य व्यक्तियों की जानकारी प्रदान करे जिन्हें उसने इस संबंध में शिकायत की थी, ताकि उन्हें भी इस प्रकरण में शामिल किया जा सके और प्रकरण का न्यायपूर्ण निराकरण हो सके।

आयोग ने अन्य मामलों में भी फैसला सुनाते हुए संबंधित पक्षों को निर्देश दिए। एक मामले में, पति द्वारा भरण-पोषण देने से इंकार करने पर आयोग ने काउंसलर की उपस्थिति में आवेदिका को उसका विवाह का सामान दिलाने का आदेश दिया। साथ ही, यदि विरोध किया जाता है तो आवेदिका को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया।

एक अन्य मामले में, संपत्ति को लेकर हुए विवाद में अनावेदक द्वारा आयोग के आदेश की अवहेलना करने पर आवेदिका को न्यायालय में केस दर्ज करने का निर्देश दिया गया।

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