15 सितम्बर 2026 |
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02 स्थायी वारंटी नक्सलियों सहित 04 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

OM Darpan

Oct 11, 2024 06:49 am 153 views

छत्तीसगढ़ नक्सलवाद आत्मसमर्पण 2024

 
  • छत्तीसगढ़ की "नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति" का असर, 04 नक्सलियों ने हथियार छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटने का किया निर्णय
सुकमा। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम और राज्य सरकार की "छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति" के साथ "नियद नेल्ला नार" योजना से प्रेरित होकर 04 नक्सलियों ने आज सुकमा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित नक्सलियों में से 02 स्थायी वारंटी नक्सली शामिल हैं, जिन्होंने कई हिंसक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई थी। आत्मसमर्पण के पीछे लगातार बढ़ते पुलिस प्रभाव और सुरक्षा बलों द्वारा अंदरूनी क्षेत्रों में कैम्प स्थापित करने का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इन नक्सलियों ने नक्सल संगठन की अमानवीय विचारधारा, बाहरी नक्सलियों द्वारा शोषण, अत्याचार और स्थानीय आदिवासियों पर होने वाली हिंसा से परेशान होकर यह कदम उठाया। आत्मसमर्पित नक्सलियों का विवरण:
  1. मिड़ियम भीमा (24 वर्ष) – प्लाटून नंबर 04 का सदस्य, 02 लाख रुपये का इनामी नक्सली, निवासी राजपेंटा पटेलपारा, थाना जगरगुंडा, जिला सुकमा।
  2. सोड़ी मुन्ना उर्फ मनोज (29 वर्ष) – कामावरम आरपीसी मिलिशिया सदस्य, निवासी राजपेंटा पटेलपारा, थाना जगरगुंडा, जिला सुकमा।
इन दोनों नक्सलियों ने पुलिस उपाधीक्षक (नक्सल ऑप्स) मनीष रात्रे और 02 वाहिनी सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट ज्ञानेश प्रताप सिंह के समक्ष बिना हथियार आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रेरित करने में डीआईजी सुकमा रेंज फील्ड टीम (आरएफटी) और 02 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा के प्रयास सराहनीय रहे हैं।
  1. मुचाकी देवा (29 वर्ष) – सीएनएम सदस्य, निवासी इरपा खासपारा, थाना कुकानार, जिला सुकमा।
  2. सुला मुचाकी उर्फ कवासी चुला (33 वर्ष) – सीएनएम सदस्य, निवासी इरपा खासपारा, थाना कुकानार, जिला सुकमा।
इन नक्सलियों ने पुलिस उपाधीक्षक (नक्सल ऑप्स) मनीष रात्रे और 227 वाहिनी सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट विजयेन्द्र पाल के समक्ष बिना हथियार आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण प्रक्रिया में थाना तोंगपाल पुलिस और 227 वाहिनी सीआरपीएफ की आसूचना शाखा के कर्मियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। नक्सलियों पर आरोप और कार्रवाइयां: आत्मसमर्पित नक्सलियों ने पुलिस गश्ती पार्टी पर हमला करने, मार्गों को अवरुद्ध करने, स्पाइक और बम लगाने, प्रशासन के खिलाफ नक्सली पर्चे और बैनर लगाने जैसे कई नक्सली गतिविधियों में भाग लिया था। मुचाकी देवा और सुला मुचाकी पर थाना तोंगपाल में अपराध क्रमांक 09/2013 के तहत धारा 147, 148, 149, 307 आईपीसी, 25, 27 आर्म्स एक्ट, और 3, 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज है, जिसमें माननीय न्यायालय ने स्थायी वारंट जारी किया है। पुनर्वास के लिए सहायता: सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
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