अहमदाबाद।
अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दर्दनाक हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की 15 पन्नों की रिपोर्ट में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह ईंधन की आपूर्ति बाधित होने से इंजन का बंद होना बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के तुरंत बाद एक-एक करके दोनों फ्यूल स्विच बंद हो गए, जिसके चलते दोनों इंजन फेल हो गए।
पायलटों ने इंजनों को दोबारा चालू करने की भरपूर कोशिश की, और एक इंजन तो शुरू भी हो गया था, लेकिन दूसरा इंजन काम नहीं कर सका और विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। रिपोर्ट में कॉकपिट में हुई बातचीत का भी जिक्र है, जिसमें एक पायलट दूसरे से पूछता है कि क्या उसने फ्यूल स्विच बंद किया था, जिस पर दूसरे पायलट का जवाब ‘नहीं’ में था। इस भयावह हादसे की अब तीन मुख्य पहलुओं पर गहन जांच की जाएगी।
हादसे की जांच के तीन मुख्य पहलू:
- तकनीकी खराबी: क्या हादसे का कारण कोई तकनीकी गड़बड़ी थी, जिससे यह निर्धारित हो सके कि क्या विमान निर्माता कंपनी बोइंग की कोई जिम्मेदारी है। जब तक इस पहलू पर पूरी तरह से जांच नहीं हो जाती, बोइंग भी जांच के दायरे में रहेगी।
- मानवीय भूल या जानबूझकर किया गया कृत्य: क्या ईंधन की आपूर्ति मैन्युअल रूप से बंद हुई थी या क्या पायलट ने जानबूझकर ऐसा किया था। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि गलती से भी दोनों स्विच एक साथ ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ पर चले जाएं, यह लगभग असंभव है। इस जांच में ओरिजिनल इक्विपमेंट्स मैन्युफैक्चरर्स (OEM) की भी मदद ली जाएगी, जो अपनी तरफ से जांच करेंगे।
- अन्य उपकरणों की खराबी: क्या किसी तीसरे उपकरण में आई खराबी के कारण यह हादसा हुआ।
कब हुई थी यह दुखद घटना?
गौरतलब है कि 12 जून को अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इस हृदयविदारक दुर्घटना में 270 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें 241 यात्री व क्रू सदस्य शामिल थे। इस भीषण हादसे में केवल एक यात्री ही जीवित बचा है।
AAIB की 15 पन्नों की शुरुआती जांच रिपोर्ट
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने अपनी शुरुआती जांच में 15 पन्नों की रिपोर्ट पेश की है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण विमान के दोनों इंजनों का बंद होना था। हादसे के शिकार हुए विमान में दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच बंद पाए गए थे, जिसके बाद पायलटों ने उन्हें फिर से चालू करने और दोनों इंजनों को पुन: आरंभ करने का प्रयास किया था। लेकिन विमान उस समय बहुत कम ऊंचाई पर था, जिसकी वजह से इंजनों को पूरी शक्ति वापस पाने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि फ्यूल स्विच कैसे बंद हुए थे। रिपोर्ट में शामिल किए गए सभी बिंदु विमान में किसी तकनीकी गड़बड़ी की संभावना को नकारते हुए पायलट की चूक की ओर इशारा कर रहे हैं।
टेकऑफ से हादसे तक, सिर्फ 30 सेकंड की उड़ान
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि टेकऑफ से लेकर दुर्घटना तक विमान ने केवल 30 सेकंड की उड़ान भरी थी। इस शुरुआती जांच रिपोर्ट में Boeing 787-8 विमान और GE GEnx-1B इंजन के संबंध में किसी भी ऑपरेटर के लिए कोई चेतावनी या सुधारात्मक कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई है।
नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू का बयान
इस रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने कहा कि यह केवल एक शुरुआती जांच रिपोर्ट है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच में किसी भी तथ्य को छुपाया नहीं गया है और सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों का पूरी तरह से पालन किया गया है। श्री नायडू ने यह भी कहा कि यह प्रारंभिक रिपोर्ट है और अंतिम रिपोर्ट का अभी इंतजार है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।









