Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

बीजापुर जिले में झोलाछाप डॉक्टरों का खेल: मासूम की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा बना मूकदर्शक

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

 

बीजापुर (कौशल संदुजा)।

इन दिनों बीजापुर जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की गतिविधियों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है, जिसके चलते मासूम बच्चों की जानें जा रही हैं। ताजा मामला आवापल्ली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां एक मासूम बच्चे की मौत हो गई।

सूत्रों के अनुसार, आवापल्ली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने ड्यूटी टाइम में अनुपस्थिति दिखाई, और अस्पताल स्टाफ ने भी स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया। जब एक माँ अपने बच्चे की जान बचाने के लिए अस्पताल पहुंची, तब चपरासी ने डॉक्टरों के देर से आने की बात कहकर उसे इंतजार करने के लिए कहा। इस बीच, बच्चे ने दम तोड़ दिया।

बीजापुर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बी.आर. पुजारी ने बताया कि बच्चे को अस्पताल लाने से पहले परिजनों ने किसी झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराया था, और तबियत बिगड़ने पर वे अस्पताल पहुंचे थे।

अब बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर झोलाछाप डॉक्टर किस प्रकार जिले में बिना किसी डिग्री के मरीजों की जान के साथ खेल रहे हैं? स्वास्थ्य महकमा और स्वयं सीएमएचओ को इस स्थिति की जानकारी होने के बावजूद कोई कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? क्या इस अव्यवस्था के पीछे किसी राजनीतिक संरक्षण का हाथ है?

बीजापुर जिले के उसूर, बीजापुर और भोपालपटनम विकासखंड में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज का खामियाजा स्थानीय निवासियों को भुगतना पड़ रहा है। यह देखना होगा कि आवापल्ली में जिस झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से मासूम हरीश उइका की तबियत बिगड़ी, उस पर कोई कार्रवाई की जाती है या फिर नए बहाने खोजे जाएंगे।

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow

Leave a Comment