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बिना ट्रीटमेंट ही नदी में मिल रहा केमिकल युक्त गंदा पानी
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महापौर और आयुक्त ने किया निरीक्षण
रायपुर/बीरगांव।
राजधानी से सटे कारा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमरा गई है। उरला औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला उद्योगों का केमिकल युक्त गंदा पानी बिना फ़िल्टर किए सीधे खारून नदी में छोड़ा जा रहा है। जीवनदायिनी खारून में मिल रहे इस ‘जहर’ के कारण नदी का अस्तित्व खतरे में है, वहीं बीरगांव नगर निगम क्षेत्र की जलापूर्ति पर भी संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है।
हाल ही में इंदौर में दूषित जल पीने से हुई 16 लोगों की मौत की घटना से सबक लेते हुए, बीरगांव नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है। मंगलवार को बीरगांव महापौर नंदलाल देवांगन और निगम आयुक्त युगल किशोर उर्वशा ने अधिकारियों के साथ कारा एसटीपी और बेंद्री स्थित इंटकवेल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि एसटीपी में भारी खामियां हैं। उरला औद्योगिक क्षेत्र से आने वाला केमिकल युक्त पानी, जिसे नियमतः ट्रीटमेंट के बाद ही नदी में छोड़ना चाहिए, वह बिना शुद्धिकरण के सीधे खारून में बहाया जा रहा है। महापौर और आयुक्त ने मौके पर देखा कि भारी मात्रा में दूषित जल नदी की ओर जा रहा है।
बीरगांव की प्यास बुझाने वाले इंटकवेल पर बढ़ा खतरा
चिंता का विषय यह है कि कारा एसटीपी से कुछ ही दूरी पर बीरगांव नगर निगम का इंटकवेल स्थित है। इसी इंटकवेल से पूरे बीरगांव निगम क्षेत्र में पानी की सप्लाई होती है। यदि केमिकल वाला पानी इंटकवेल तक पहुंचता है, तो यह बड़ी आबादी के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। हालांकि, कारा एसटीपी के संचालन और देखरेख की जिम्मेदारी रायपुर नगर निगम की है, लेकिन इसका सीधा असर बीरगांव की जनता पर पड़ रहा है।
तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान महापौर नंदलाल देवांगन ने वहां मौजूद अधिकारियों को सख्त लहजे में फटकार लगाई। उन्होंने दूषित पानी को बिना ट्रीटमेंट नदी में जाने से तुरंत रोकने और व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। एसटीपी के बाद टीम ने बेंद्री स्थित निगम के इंटकवेल का भी जायजा लिया।
इस निरीक्षण दल में महापौर और आयुक्त के अलावा एमआईसी सदस्य इकराम अहमद, संतोष साहू और कार्यपालन अभियंता डी. एल. देवांगन समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इनका कहना है
“कारा स्थित एसटीपी में बिना ट्रीटमेंट किए हुए उद्योगों से निकलने वाले केमिकल युक्त दूषित जल को खारून नदी में छोड़ा जा रहा है। इसकी वजह से नदी का पानी दूषित हो रहा है। इसका असर आने वाले दिनों में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में पड़ने की संभावना दिख रही है। इस संबंध में हम जल्द ही रायपुर कलेक्टर को अवगत कराएंगे।”
– इकराम अहमद, प्रभारी लोक निर्माण विभाग (PWD), नगर निगम बीरगांव











