लद्दाख।
लद्दाख के दुर्गम दुरबुक क्षेत्र में बुधवार सुबह भारतीय सेना के एक वाहन पर अचानक चट्टान गिरने से भीषण हादसा हो गया। इस दुखद घटना में एक अधिकारी समेत तीन सैन्यकर्मी शहीद हो गए, जबकि एक अधिकारी और दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायल जवानों को तत्काल सहायता प्रदान की जा रही है और बचाव अभियान जारी है।
कैसे हुआ हादसा?
बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे यह घटना तब हुई जब सेना की गाड़ी दुरबुक इलाके से गुजर रही थी। अचानक एक विशाल चट्टान वाहन के ऊपर आ गिरी, जिससे वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे और घायलों को निकालने का काम शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि घायल सैन्यकर्मियों को नजदीकी सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
मौसम की मार और बढ़ते हादसे
लद्दाख में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश और बर्फबारी के कारण इलाके में सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, खराब मौसम ही इस हादसे की मुख्य वजह बनी। कुछ दिन पहले भी इसी तरह की एक दुर्घटना हुई थी, जिसमें दो लोग घायल हुए थे। उस समय भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर ने तुरंत बचाव कार्य कर घायल लोगों को सुरक्षित निकाला था और उन्हें कारू के अस्पताल में भर्ती कराया था।
देश के लिए सर्वोच्च बलिदान: अग्निवीर हरिओम नागर
यह दुखद घटना ऐसे समय में हुई है जब देश ने हाल ही में 20 जुलाई को लद्दाख में ही कर्तव्य के दौरान एक अग्निवीर हरिओम नागर को खोया था। लेह स्थित सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर ने 21 जुलाई को जानकारी दी थी कि अग्निवीर हरिओम नागर ने देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान और सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने उनके बलिदान को सलाम करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया था।









