जगदलपुर (कौशल संदुजा)
बीजापुर जिले में माओवादियों की हिंसक विचारधारा और भेदभावपूर्ण नीति से तंग आकर 25 नक्सलियों ने आज आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों में 8-8 लाख रुपये के इनामी तीन नक्सली, 3 लाख रुपये का एक और 1-1 लाख रुपये के दो नक्सली शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति, साथ ही सरकार द्वारा चलाए जा रहे नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर किया गया है।
इस वर्ष अब तक बीजापुर जिले में 170 नक्सली पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि 346 माओवादी विभिन्न घटनाओं में गिरफ्तार किए गए हैं।
आत्मसमर्पण करने वालों में प्रमुख नामों में शामिल हैं शामबती मड़कम, ज्योति पुनेम, और महेश तेलम, जिन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था। इनके अलावा, अन्य नक्सलियों में विष्णु करटम, जयदेव पोडियाम, और गुड्डू ककेम जैसे नाम शामिल हैं।
बीजापुर जिले में चलाए जा रहे माओवादी उन्मूलन अभियान के तहत यह आत्मसमर्पण संभव हो पाया है। इस अभियान में डीआरजी, बस्तर फाइटर, सीआरपीएफ की 85वीं और 222वीं वाहिनी, और 202 कोबरा बटालियन की संयुक्त टीमों ने प्रमुख भूमिका निभाई।
आत्मसमर्पण करने पर नक्सलियों को छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत 25-25 हजार रुपये की नगद प्रोत्साहन राशि दी गई है।










