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तमिलनाडु में फंसा पेंच: 118 का ‘जादुई आंकड़ा’ नहीं जुटा पाए थलापति विजय, राज्यपाल ने रोका शपथ-ग्रहण; क्या होगा कोई बड़ा ‘खेला’?

Thalapathy Vijay_omdarpan

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चेन्नई (ओमदर्पण न्यूज़)।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तमिलगाम वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख थलापति विजय की राहें सरकार बनाने को लेकर थोड़ी मुश्किल हो गई हैं। कांग्रेस के समर्थन के बाद बुधवार को विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। विजय ने 112 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपकर बहुमत साबित करने के लिए 2 हफ्ते का समय मांगा था, लेकिन राज्यपाल ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे पहले 118 विधायकों के समर्थन का प्रस्ताव पेश करें। इसके चलते 7 मई (गुरुवार) को चेन्नई के नेहरू इंडोर स्टेडियम में होने वाला विजय का शपथ-ग्रहण समारोह फिलहाल टल गया है।

आंकड़ों का खेल: विजय को अभी भी 6 विधायकों की दरकार

तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है। इस चुनाव में द्रविड़ राजनीति के दिग्गजों को पछाड़ते हुए TVK ने 108 सीटें हासिल की हैं। वहीं सत्ताधारी DMK 59 और AIADMK 47 सीटों पर सिमट गई है। कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों का TVK को सशर्त समर्थन दिया है। इससे विजय का आंकड़ा 113 होना चाहिए था, लेकिन विजय खुद 2 सीटों (पेरम्बूर और पूर्वी त्रिची) से चुनाव जीते हैं, इसलिए तकनीकी रूप से उनके पास 112 विधायकों का समर्थन माना गया है। बहुमत साबित करने के लिए उन्हें अभी भी 6 और विधायकों की जरूरत है।

कांग्रेस बनी संकटमोचक, वामदलों व छोटी पार्टियों से बातचीत जारी

कांग्रेस ने अब TVK की सरकार बनवाने की अघोषित जिम्मेदारी उठा ली है। नई पार्टी होने के कारण कांग्रेस ही अन्य सहयोगी दलों से बातचीत कर रही है। TVK और कांग्रेस ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM), विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (DMDK) से संपर्क साधा है। CPI और CPM के पास 2-2 विधायक हैं। अन्य छोटी पार्टियों के पास कुल 5 विधायक हैं। अगर इन सबका समर्थन मिलता है तो विजय का आंकड़ा 121 पहुंच जाएगा। हालांकि, कम्युनिस्ट पार्टी समेत इन छोटी पार्टियों ने अपना अंतिम फैसला लेने के लिए 8 मई तक का समय मांगा है।

कांग्रेस की शर्त: AIADMK और भाजपा समर्थकों की ‘नो एंट्री’

राज्यपाल से मिलने से पहले TVK ने 47 विधायकों वाली AIADMK से गठबंधन की बातचीत रोक दी है। तमिलनाडु के कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडंकर ने स्पष्ट किया कि समर्थन की सबसे बड़ी शर्त यही है कि भाजपा या उससे जुड़ी कोई भी पार्टी (इशारा AIADMK की तरफ) TVK के गठबंधन में शामिल नहीं होगी। चोडंकर ने बताया कि विजय ने फोन कर मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल को धन्यवाद दिया है और शपथ-ग्रहण के लिए आमंत्रित किया है। राहुल गांधी के इस समारोह में शामिल होने की प्रबल संभावना है।

AIADMK ने किया इनकार, सुब्रमण्यम स्वामी ने राज्यपाल पर उठाए सवाल

इस बीच AIADMK के उपमहासचिव केपी मुनुसामी ने उन अटकलों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि उनकी पार्टी TVK को समर्थन दे सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी परिस्थिति में TVK को समर्थन नहीं देगी। दूसरी ओर, भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने TVK को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न किए जाने पर राज्यपाल के कदम पर आपत्ति जताई है। स्वामी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद राज्यपाल द्वारा विजय को आमंत्रित न करना चौंकाने वाला है। उन्होंने लोकतंत्र के हित में राज्यपाल से तत्काल TVK को मंत्रिमंडल गठित करने और विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका देने की मांग की है।

अब कयास लगाए जा रहे हैं कि 8 मई को छोटी पार्टियों का रुख स्पष्ट होने के बाद ही थलापति विजय अपने 9-10 कैबिनेट सहयोगियों के साथ शपथ ले सकते हैं।

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